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आलू को झुलसा से बचाने के लिए समय से करें दवा का छिड़काव

Mon, 06 Jan 2020 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2020 12:06 AM IST
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agriculture
कन्नौज। बेमौसम बारिश व लगातार कोहरे से आलू की फसल पर झुलसा रोग लगने लगा है। समय रहते ध्यान न देने पर फसल खराब हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को समय से दवा का छिड़काव कर फसल बचाने की बात कही है।
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जिला कृषि अधिकारी राम मिलन परिहार ने बताया लगातार कोहरे से झुलसा रोग लगने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। इसमें प्रारंभ में पत्तियों पर छोटे, हल्के, पीले, हरे अनियमित आकार के धब्बे दिखाई देते हैं। यह बढ़कर बड़ा रूप लेकर गोल दिखाई देने लगते हैं। इसी समय किसानों को आलू की फसल पर ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसा न करने पर पत्तियों के निचले भाग पर धब्बों के चारों ओर अंगूठीनुमा सफेद फफूंदी आ जाती है। कुछ दिनों बाद पत्ती काली होकर गिर जाती है। इससे आलू की बढ़ोत्तरी रुक जाती है। इसके बचाव के लिए पहले किसान दो ग्राम मैकोजेब प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव कर दें। इसके आठ से 10 दिन बाद 2.5 ग्राम प्रति लीटर कापर आक्सी क्लोराइड का छिड़काव करें। अधिक झुलसे का प्रकोप होने पर मेटोलेक्सिल युक्त दवाओं का 0.25 प्रतिशत घोल का एक दो बार छिड़काव करें। जिला कृषि अधिकारी ने बताया आलू किसान झुलसे की शुरुआत होते ही दवाओं का छिड़काव कर दें, तो फसल में होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है।
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