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Kannauj News: पति की मौत के बाद भाई-बहन का भी सहारा छूटा
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तेराजाकेट। पति की मौत के बाद बिहार से छोटे भाई-बहन को लेकर रोजगार की तलाश में साहिलदेवी चार माह पहले ही यहां पर काम करने आई थी। दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। अपने भाई व बहन के सहारे पर थी। इस हादसे ने उसका यह सहारा भी छीन लिया।
घटना के बाद रोती-बिलखती साहिल देवी ने बताया कि भट्ठे से मजदूरी मिलने वाली मामूली आमदनी से ही परिवार का खर्च चल रहा था। इसी बीच गांव के अजय कुमार की ईंट उतारने के दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में साहिलदेवी के छोटे भाई नितीश (18) व बहन सुनीता (12) की मौत ने परिवारों को अंधकार में धकेल दिया। साहिल देवी का दुख सबसे गहरा है। पति पहले ही गुजर चुके, बुजुर्ग मां गांव में अकेली है। वह भाई के सहारे जीवन यापन कर रही थी। हादसे ने उसका यह सहारा भी छीन लिया। अब साहिलदेवी दो छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान है। उसके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट पैदा हो गया है। गुरसहायगंज कोतवाल आलोक कुमार दुबे ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव का कहना है कि मजदूरों में एक नाबालिग है तो दूसरा बालिग है। जो बालिग है, उसे शासन के नियमानुसार क्षतिपूर्ति का लाभ मिल जाएगा। इस मामले की जांच के निर्देश गुरसहायगंज की श्रम प्रवर्तन अधिकारी कीर्ति कुरील को दिए गए हैं।
बारिश की वजह से ईंट पथाई का काम था बंद
बारिश की वजह से ईंट पथाई का काम बंद है। ऐसे में बिहारी मजबूर पकी हुई ईंट भरने और उतारने का काम कर रहे हैं। बिहार से ठेकेदारों के माध्यम से पथाई मजदूरों को लाया जाता है। श्रम विभाग में भी इनका पंजीकरण नहीं कराया जाता है, जिससे इनको श्रमिक दुर्घटना बीमा और क्षतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं मिल पाता है।
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घटना के बाद रोती-बिलखती साहिल देवी ने बताया कि भट्ठे से मजदूरी मिलने वाली मामूली आमदनी से ही परिवार का खर्च चल रहा था। इसी बीच गांव के अजय कुमार की ईंट उतारने के दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में साहिलदेवी के छोटे भाई नितीश (18) व बहन सुनीता (12) की मौत ने परिवारों को अंधकार में धकेल दिया। साहिल देवी का दुख सबसे गहरा है। पति पहले ही गुजर चुके, बुजुर्ग मां गांव में अकेली है। वह भाई के सहारे जीवन यापन कर रही थी। हादसे ने उसका यह सहारा भी छीन लिया। अब साहिलदेवी दो छोटे बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान है। उसके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट पैदा हो गया है। गुरसहायगंज कोतवाल आलोक कुमार दुबे ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव का कहना है कि मजदूरों में एक नाबालिग है तो दूसरा बालिग है। जो बालिग है, उसे शासन के नियमानुसार क्षतिपूर्ति का लाभ मिल जाएगा। इस मामले की जांच के निर्देश गुरसहायगंज की श्रम प्रवर्तन अधिकारी कीर्ति कुरील को दिए गए हैं।
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बारिश की वजह से ईंट पथाई का काम था बंद
बारिश की वजह से ईंट पथाई का काम बंद है। ऐसे में बिहारी मजबूर पकी हुई ईंट भरने और उतारने का काम कर रहे हैं। बिहार से ठेकेदारों के माध्यम से पथाई मजदूरों को लाया जाता है। श्रम विभाग में भी इनका पंजीकरण नहीं कराया जाता है, जिससे इनको श्रमिक दुर्घटना बीमा और क्षतिपूर्ति योजना का लाभ नहीं मिल पाता है।
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