फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Advocate suspended for six months for assaulting client

Kannauj News: मुवक्किल से मारपीट में अधिवक्ता छह माह के लिए निलंबित

Wed, 16 Jul 2025 11:56 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 11:56 PM IST
विज्ञापन
Advocate suspended for six months for assaulting client
कन्नौज। जिला एवं सत्र न्यायालय में अपने चैंबर में मुवक्किल और परिजनों से मारपीट के मामले में अधिवक्ता को बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने बुधवार को छह माह के लिए निलंबित कर दिया है। साथ ही दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अधिवक्ता ने चार साल पहले पीड़िता और उसके परिजनों से चैंबर में मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी। कई घटनाओं को अंजाम देकर फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए थे। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश व बार काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली में शिकायत की थी, जिसकी सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन

तिर्वा कोतवाली के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी ममता सिंह ने बताया कि उसकी शादी विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम उस्मानपुर निवासी मुकेश सिंह के साथ वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के बाद ससुरालीजनों ने दहेज के लिए प्रताड़ित किया था। इस पर उन्होंने पांच अगस्त 2020 को दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया था और पैरवी के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता रणधीर सिंह माथुर को नियुक्त किया था। ममता का आरोप है कि वकील ने उसके जेठ राकेश सिंह निवासी मोहल्ला इंदिरा नगर छिबरामऊ से मिलीभगत कर ली और मोटी रकम लेकर पिता व भाई के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
विज्ञापन

31 अगस्त 2021 को अधिवक्ता रणधीर सिंह माथुर ने चैंबर में उसके व परिजनों के साथ मारपीट कर दी थी। राकेश नहर विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना के बाद पीड़िता ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में शिकायत की। तीन साल तक सुनवाई चलने के बाद प्रकरण को बार काउंसिल ऑफ इंडिया भेजा गया। वहां भी लगातार सुनवाई हुई और 25 मई 2025 को वकील को दोषी पाया गया। बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने शहर के मोहल्ला कृष्णानगर निवासी अधिवक्ता रणधीर सिंह माथुर को छह माह के लिए निलंबित कर दिया है और दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, इस संबंध में अधिवक्ता रणधीर सिंह माथुर का कहना है कि यह एक पक्षीय निर्णय है, इसके खिलाफ वह कोर्ट की शरण लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़िता ने खुद वकील बनकर जीती जंग
पीड़िता ममता सिंह ने बताया कि जिस समय अधिवक्ता रणधीर सिंह माथुर ने चैंबर में मारपीट की घटना को अंजाम दिया था, उसी दिन उसने ठान ली थी कि वह भी वकील बनकर इस लड़ाई को लड़ेगी। दहेज उत्पीड़न से अधिक उसके लिए यह केस महत्वपूर्ण था। इसमें एक अधिवक्ता ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया था। उसने कानपुर के एक लॉ कॉलेज में दाखिला लिया और इसी साल एलएलबी पूर्ण कर वकील बन गई। सुनवाई के दौरान उसने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश व बार कौंसिल ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिवक्ताओं से भी अनुभव प्राप्त किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed