फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Administration registered 64 bigha land in Gram Sabha

Kannauj News: 64 बीघा जमीन प्रशासन ने ग्रामसभा में कराई दर्ज

Sat, 05 Oct 2024 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2024 12:36 AM IST
विज्ञापन
Administration registered 64 bigha land in Gram Sabha
छिबरामऊ। सौरिख विकास खंड के परौर ग्राम सभा में 64 बीघा जमीन पर 28 किसानों को आसामी पट्टा दिया गया था। पट्टा निरस्त होने के बाद करोड़ों की कीमत वाली जमीन को एसडीएम ने ग्राम सभा में दर्ज कराते हुए तहसीलदार को जमीन खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन



ग्राम सभा परौर में 28 किसानों को सालों पहले आसामी पट्टा किया गया था। 2007 में तत्कालीन एसडीएम ने इन पट्टों को निरस्त कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ पट्टाधारक कमिश्नरी कानपुर में चले गए। यहां से साल 2010 में एसडीएम के आदेश को निरस्त कर गुण दोष के आधार पर दोबारा सुनवाई करने का फरमान जारी किया गया, लेकिन इन पट्टा धारकों ने तहसील प्रशासन से सांठगांठ कर आदेश को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करवाकर खतौनी में दर्ज करा दिया। साथ ही फाइल को अभिलेखागार कन्नौज को भिजवा दिया था।
विज्ञापन

मामला तब खुला जब शासन ने आसामी पट्टों की जांच कराई। क्षेत्रीय लेखपाल ओमेंद्र राजपूत ने तीन माह पहले इसका खुलासा एसडीएम उमाकांत तिवारी के सामने किया। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नरी से मूल आदेश की कॉपी व अभिलेखागार से पूर्व में चले मुकदमे की फाइल को मंगवाकर जांच पड़ताल शुरू करवाई। कमिश्नरी के आदेश के अनुरूप एसडीएम ने सभी पट्टा धारकों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष लिया। तीन माह तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद एसडीएम ने 64 बीघा जमीन के इस आसामी पट्टे को निरस्त कर ग्राम सभा में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही तहसीलदार अभिनव वर्मा को इस जमीन को खाली कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन लोगों के नाम दर्ज था आसामी पट्टा

ग्राम सभा रूर के मजरा परौर निवासी उदयवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, रामशंकर, सार्जेंट सिंह, इतवारी, खुशीराम, जगन्नाथ, महेश चंद्र, वकील सिंह, कालिका प्रसाद, ज्ञान सिंह, मोहब्बीलाल, श्याम सिंह, कुबेर सिंह, जंडैल सिंह, रामानंद, अधीन सिंह, तिलक सिंह, महिपाल, रक्षपाल, रामभरोसे, रामसिंह, रोशन लाल, लालाराम, अनिल कुमार, अनिरोध कुमार, उजागर लाल, प्रकाश स्वरूप के नाम आसामी पट्टा दर्ज था।

--
क्या होता है आसामी पट्टा
एसडीएम ने बताया कि ग्राम समाज की जमीन को पट्टाधारकों को एक निश्चित अवधि के लिए किराये पर दी जाती है, जिसे आसामी पट्टा कहा जाता है। इसके बदले में सरकार पट्टाधारक से 30 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से वार्षिक किराया लेती है। 2004 में राजस्व परिषद ने आसामी पट्टों को निरस्त कर दिया था, इसके बाद भी लोग कब्जा किए थे। अब इन पट्टों को निरस्त कर वापस ग्राम समाज में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed