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Kannauj News: प्रशासन लाचार...बुंदेलखंड तक फैला बारूद का कारोबार
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छिबरामऊ। बांदा से आकर बहबलपुर में जड़ें जमाने वाले आतिशबाज शिवकुमार ने अपनों को भी खोया है, लेकिन फिर भी धंधे से मोह नहीं छूट रहा है। ग्रामीणों की मानें तो उसका बारूद का कारोबार पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर बुंदेलखंड तक फैला है। अभी तीन क्विंटल विस्फोटक छिपे होने की चर्चा है। इसकी तलाश के लिए सीओ मयंक मिश्रा के नेतृत्च में तीन टीमें लगीं हैं। डीएम ने गुरुवार को इसके परिवहन की निगरानी के लिए भी टीमों का गठन किया है। एसपी विनोद कुमार का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की दोनों टीमें हादसे की जांच कर रहीं हैं। आरोपी संतोष व महेश भुर्जी की गिरफ्तारी को एसओजी को भी लगाया गया है। संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है और सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं।
बहवलपुर गांव के आतिशबाज शिवकुमार भुर्जी का अवैध कारोबार और विवादों से गहरा नाता रहा है। वर्ष 2009 में उसकी करतूतों के चलते हुए बवाल का दंश ग्रामीण आज भी झेल रहे हैं। यह अवैध कारोबार न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। हाल ही में हुए एक विस्फोट के बाद शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो बेटे फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।
27 दिसंबर 2009 को पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी के घर छापा मारा था। तब उसने आतिशबाजी की बोरियां पड़ोसी रामसिंह पाल की छत पर फेंक दी थी। इस मामले में पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी और रामनिवास पाल को गिरफ्तार किया था। बेटों की गिरफ्तारी के सदमे में रामसिंह की मौत हो गई थी, जिसके बाद गांव में बड़ा बवाल हुआ। पुलिसकर्मियों पर दर्ज मामला बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर रफादफा हो गया। गांव में हुए बवाल के बाद सत्रह ग्रामीणों के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनके मुकदमे आज भी चल रहे हैं।
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इस घटना को याद कर ग्रामीणों में शिवकुमार भुर्जी के प्रति नाराजगी साफ दिखती है। अक्सर होने वाले विस्फोटों के डर से रामसिंह पाल के परिवार ने शिवकुमार भुर्जी के बगल वाला अपना पैतृक मकान छोड़ दिया है, जो अब खंडहर है। पीड़ित रामनाथ पाल के परिजन ने बताया कि शिवकुमार अपनी पहुंच का धौंस दिखाकर उन्हें धमकियां देता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिवकुमार दिवाली से पहले तीन से चार क्विंटल बारूद का स्टॉक लाता है, जिसे गांव में अलग-अलग जगहों पर छिपा कर रखा जाता है। हाल के विस्फोट के बाद पुलिस ने सामुदायिक शौचालय के खंडहर से आतिशबाजी के कई गत्ते जब्त किए हैं।
20 स्थानों पर दबिश, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी
हादसे के बाद पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विस्फोट के बाद उसके पुत्र संतोष भुर्जी और महेश भुर्जी फरार हो गए हैं। सीओ मयंक मिश्रा ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। 20 संभावित स्थानों पर दबिश दी जा चुकी है और शीघ्र ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। महेश भुर्जी पुलिस को गुमराह करने के लिए कई सालों से गांव के बाहर फास्ट फूड की ठेली लगाता था। दिन में वह ठेली पर खाने का सामान बेचता था जबकि रात में उसी टिनशेड में आतिशबाजी बनाने का काम चलता था। हाल ही में हुए विस्फोट के दौरान महेश की ठेली भी जलकर नष्ट हो गई।
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बहवलपुर गांव के आतिशबाज शिवकुमार भुर्जी का अवैध कारोबार और विवादों से गहरा नाता रहा है। वर्ष 2009 में उसकी करतूतों के चलते हुए बवाल का दंश ग्रामीण आज भी झेल रहे हैं। यह अवैध कारोबार न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। हाल ही में हुए एक विस्फोट के बाद शिवकुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो बेटे फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।
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27 दिसंबर 2009 को पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी के घर छापा मारा था। तब उसने आतिशबाजी की बोरियां पड़ोसी रामसिंह पाल की छत पर फेंक दी थी। इस मामले में पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी और रामनिवास पाल को गिरफ्तार किया था। बेटों की गिरफ्तारी के सदमे में रामसिंह की मौत हो गई थी, जिसके बाद गांव में बड़ा बवाल हुआ। पुलिसकर्मियों पर दर्ज मामला बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर रफादफा हो गया। गांव में हुए बवाल के बाद सत्रह ग्रामीणों के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनके मुकदमे आज भी चल रहे हैं।
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इस घटना को याद कर ग्रामीणों में शिवकुमार भुर्जी के प्रति नाराजगी साफ दिखती है। अक्सर होने वाले विस्फोटों के डर से रामसिंह पाल के परिवार ने शिवकुमार भुर्जी के बगल वाला अपना पैतृक मकान छोड़ दिया है, जो अब खंडहर है। पीड़ित रामनाथ पाल के परिजन ने बताया कि शिवकुमार अपनी पहुंच का धौंस दिखाकर उन्हें धमकियां देता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिवकुमार दिवाली से पहले तीन से चार क्विंटल बारूद का स्टॉक लाता है, जिसे गांव में अलग-अलग जगहों पर छिपा कर रखा जाता है। हाल के विस्फोट के बाद पुलिस ने सामुदायिक शौचालय के खंडहर से आतिशबाजी के कई गत्ते जब्त किए हैं।
20 स्थानों पर दबिश, पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी
हादसे के बाद पुलिस ने शिवकुमार भुर्जी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विस्फोट के बाद उसके पुत्र संतोष भुर्जी और महेश भुर्जी फरार हो गए हैं। सीओ मयंक मिश्रा ने बताया कि उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। 20 संभावित स्थानों पर दबिश दी जा चुकी है और शीघ्र ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। महेश भुर्जी पुलिस को गुमराह करने के लिए कई सालों से गांव के बाहर फास्ट फूड की ठेली लगाता था। दिन में वह ठेली पर खाने का सामान बेचता था जबकि रात में उसी टिनशेड में आतिशबाजी बनाने का काम चलता था। हाल ही में हुए विस्फोट के दौरान महेश की ठेली भी जलकर नष्ट हो गई।