{"_id":"6998ba9da013aa0ce0055aad","slug":"accused-acquitted-after-nine-years-on-rape-charges-kannauj-news-c-12-lko1023-1433623-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: दुष्कर्म के आरोप में नौ वर्ष बाद आरोपी बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: दुष्कर्म के आरोप में नौ वर्ष बाद आरोपी बरी
विज्ञापन
- पीड़िता के पिता ने अपहरण के मामले में दर्ज कराई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में करीब नौ वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी की अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
थाना मेरापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 8 जुलाई 2016 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री को 21 जून 2016 को जनपद कन्नौज के थाना विशुनगढ़ क्षेत्र के गांव नगला भारा निवासी यादराम ले गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में चली, जहां अभियोजन पक्ष से एडीजीसी प्रदीप सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राहुल परिहार ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। किशोरी के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में करीब नौ वर्ष पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी की अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।
थाना मेरापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 8 जुलाई 2016 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री को 21 जून 2016 को जनपद कन्नौज के थाना विशुनगढ़ क्षेत्र के गांव नगला भारा निवासी यादराम ले गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में चली, जहां अभियोजन पक्ष से एडीजीसी प्रदीप सिंह और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राहुल परिहार ने अपने-अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन