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आर्थिक तंगी से परेशान मजदूर फंदे से लटका, बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए काफी दिनों से था परेशान
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जितेंद्र की फाइल फोटो ।
- फोटो : KANNAUJ
तालग्राम(कन्नौज)। चांदापुर गांव में शुुुुक्रवार दोपहर आर्थिक तंगी से परेशान मजदूर ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह बीमार पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन की है।
थाना क्षेत्र की अमोलर चौकी के गांव चांदापुर निवासी जितेंद्र(32) भूमिहीन थे। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। परिवार में तीन बेटियां चांदनी(6), अलका(3), परी (1) और पत्नी पूजा हैं। पत्नी काफी दिनों से बीमार हैं। इलाज से आर्थिक तंगी हो गई। इलाज कराना मुश्किल होने लगा। इससे परेशान रहने लगे। शुक्रवार को पत्नी की हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग ताहपुर में निजी चिकित्सक के यहां ले कर गए थे। जितेंद्र ने बेटी चांदनी और अलका को दादी रुमाली के पास खेलने के लिए भेज दिया। मकान के अंदर बरामदे में छत के कुंडे में गमछा से फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
सूचना पर चौकी प्रभारी अमोलर आनंद पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतरवाया। पिता कुंवरपाल ने बताया कि जितेंद्र के पास खेती नहीं है। तीन बेटों में बीच का था। बड़ा सुनील और फौजी बाहर मजदूरी करते हैं। जितेंद्र अलग रहकर मजदूरी करता था। वह आर्थिक तंगी से परेशान था। इसी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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थाना क्षेत्र की अमोलर चौकी के गांव चांदापुर निवासी जितेंद्र(32) भूमिहीन थे। मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते थे। परिवार में तीन बेटियां चांदनी(6), अलका(3), परी (1) और पत्नी पूजा हैं। पत्नी काफी दिनों से बीमार हैं। इलाज से आर्थिक तंगी हो गई। इलाज कराना मुश्किल होने लगा। इससे परेशान रहने लगे। शुक्रवार को पत्नी की हालत गंभीर होने पर परिवार के लोग ताहपुर में निजी चिकित्सक के यहां ले कर गए थे। जितेंद्र ने बेटी चांदनी और अलका को दादी रुमाली के पास खेलने के लिए भेज दिया। मकान के अंदर बरामदे में छत के कुंडे में गमछा से फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
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सूचना पर चौकी प्रभारी अमोलर आनंद पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से उतरवाया। पिता कुंवरपाल ने बताया कि जितेंद्र के पास खेती नहीं है। तीन बेटों में बीच का था। बड़ा सुनील और फौजी बाहर मजदूरी करते हैं। जितेंद्र अलग रहकर मजदूरी करता था। वह आर्थिक तंगी से परेशान था। इसी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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