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आंखों के सामने थमती रहीं सांसें... कुछ नहीं कर सका

Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 12:06 AM IST
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aankhon ke saamane thamatee raheen saansen... kuchh nahin kar saka
-पोस्टमार्टम हाउस में गमगीन बैठे परिजन। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। हादसे का शिकार हुए परिवार में गम और गुस्सा है। पानी से निकाले जाने के करीब 15 मिनट तक सभी की सांसें चलती रही थीं। बाद में एक-एक कर पत्नी, दो बच्चों, बहन और भांजे की सांसें उखड़ती चली गईं, वह कुछ नहीं कर सका। अगर समय पर एंबुलेंस पहुंच जाती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता। गौरव में गुस्सा इतना था कि परिजन उसे शांत करने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह बार-बार हादसे के मंजर को सोचकर भड़क रहा था। गौरव कहना था कि हादसे के लिए लोक निर्र्माण और सिंचाई विभाग जिम्मेदार है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
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गौरव ने बताया कि समय पर प्राथमिक उपचार मिल जाता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। नहर में कार के गिरते ही सबसे पहले सिपाही गौरव खिड़की से बाहर निकला। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से सभी लोगों को बाहर निकला गया। गौरव ने बताया कि करीब 15 मिनट तक पत्नी, बच्चे और बहन जिंदा रही। बाहर निकलने के बाद सबसे पहले पत्नी प्रिया ने बच्चों की तरफ देखा। करीब दो बार बेटी लाडो को पुकारा। वहीं बहन मोनी एक बार खड़ी भी हुई थी। हादसे का मंजर देखकर जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद फिर आंखें नहीं खोलीं। अगर 15 मिनट के अंदर एंबुलेंस टीम पहुंच कर प्राथमिक उपचार दे देती तो शायद उसका परिवार न उजड़ता। उसकी आंखों के सामने एक के बाद एक कर सांसें थमती र्गइं ,वह कुछ नहीं कर सका।
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एंबुलेंस के देर से पहुंचने की हो जांच, दोषियों पर हो एफआईआर
कन्नौज। हादसे के पीछे एंबुलेंस सेवा के साथ पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सिपाही गौरव ने एंबुलेंस सेवा, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। हादसे के शिकार सिपाही गौरव ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि एंबुलेंस के लिए ग्रामीणों ने 108 और 102 पर तत्काल फोन कर कार डूबने की सूचना दी। इसके बाद भी करीब एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। वहीं नहर की सफाई के दौरान सिंचाई विभाग की ओर से रोड की पटरी को काट दिया गया है। नहर किनारे मिट्टी डालकर ऊंचाई नहीं की गई है। जगह-जगह रोड का कटान देखने के बाद भी लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इससे एंबुलेंस सेवा, लोक निर्माण और सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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मां की चिता के पास दफन हुए कलेजे के टुकड़े
कन्नौज। इसे कुदरत का खेल और समय की करवट ही कहेंगे कि हमेशा मां के सीने से लिपटे रहने वाले बच्चों को आखिरकार मौत ने जुदा कर दिया। बच्चों की आह सुनकर कांप जाने वाले पिता को अपने कलेजे के टुकड़ों को दफन करना पड़ा। अग्नि के सात फेरे लेकर जिसके साथ सात जन्म रहने का वादा किया, उसे बच्चों के साथ ही अंतिम विदाई देनी पड़ी। बुधवार को सफर पर निकले गौरव की पत्नी, बच्चों समेत पांच लोगों के लिए यह आखिरी सफर साबित हुआ। बुधवार सुबह उमर्दा में निचली गंग नहर में कार गिरने से सिपाही गौरव भदौरिया की पत्नी पप्पी, दो बच्चों शुभी और लाडो, बहन मोहिनी और भांजे कृष्णा की मौत हो गई थी। दूसरे दिन इनका पोस्टमार्टम हुआ। एक साथ पांच शवों को देकर हर किसी की आंख नम हो गई। 24 घंटे से अधिक समय से रोते-बिलखते परिजनों की आंखों से आंसू मुश्किल से निकल रहे थे। गला बैठ जाने से सिर्फ सिसकियां निकल रही थीं। गौरव ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि परिवार के साथ वह जिन खुशियों की डगर पर निकला है, बीच में पत्नी, बच्चे, बहन और भांजा नहर में समा जाएंगे। पोस्टमार्टम के बाद गौरव की पत्नी पप्पी का महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। पास में ही कलेजों के टुकड़ों शुभी और लाडो को दफन किया गया। बहन मोहिनी का इटावा और भांजे कृष्णा का शव फर्रुखाबाद लेकर परिजन रवाना हो गए।

डॉ. प्रमोद और डॉ. मो. शरीफ ने शवों का पोस्टमार्टम किया। सभी की मौत पानी में डूबने से हुई। पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों का हाल-बेहाल था। 24 घंटे से अधिक समय तक खाना न खाने और रोते-रोते सभी की हालत खराब थी। हादसे का मंजर याद कर बहन सोनी बार-बार बेहोश हो रही थी। घाट पर हर कोई सिपाही और उसके परिवार के लोगों ढांढस बंधाता रहा। बुधवार को ठठिया थाने के गांव मिरुअन मढ़ा निवासी सिपाही गौरव कुमार, पत्नी प्रिया उर्फ पप्पी, बेटी शुभी, लाडो, मां रेखा देवी, बहन सोनी, मोहिनी, हर्ष, भांजी आयुषी और भांजे कृष्णा के साथ मौसेरी बहन की गोद भराई रस्म में शामिल होने कार से निकले थे। तभी चटरूआपुर गांव के पास निचली गंग नहर में कार पलट गई। हादसे में पत्नी प्रिया, मासूम बेटी शुभी, लाडो, बहन मोहिनी उर्फ मोनी और भांजे कृष्णा की मौत हो गई थी।
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