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Kannauj News: पांच साल के मासूम के सिर से उठा साया
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सौरिख। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। पूर्व सांसद की एस्कॉर्ट गाड़ी पलटने से जान गंवाने वाले हेड कांस्टेबल की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी गुड़िया सुध-बुध खो बैठीं। वहीं, पांच साल के मासूम बेटे बॉबी को अभी यह भी अहसास नहीं है कि उसके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ चुका है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में परिजनों की चीख-पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
मूल रूप से फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक त्रिपाठी (50) वर्ष 2011 में पुलिस भर्ती के जरिए सिपाही के पद पर सेवा में आए थे। उन्होंने शुरुआत के तीन साल पीएसी बल में भी सेवाएं दी थी। वर्तमान में वह कन्नौज पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और इन दिनों उनकी ड्यूटी पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की सुरक्षा में लगी एस्कॉर्ट गाड़ी पर थी। कौन जानता था कि दिल्ली से कन्नौज वापसी का यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा।
हादसे की खबर जैसे ही सिपाही के घर पहुंची, कोहराम मच गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची पत्नी गुड़िया अपने सुहाग के उजड़ने के गम में बार-बार बेसुध हो रही थीं। पास ही खड़ा पांच साल का मासूम बेटा बाॅवी अंजान नजरों से सब कुछ देख रहा था, जिसे यह तक नहीं पता कि अब वह पिता को कभी पुकार नहीं पाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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मूल रूप से फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक त्रिपाठी (50) वर्ष 2011 में पुलिस भर्ती के जरिए सिपाही के पद पर सेवा में आए थे। उन्होंने शुरुआत के तीन साल पीएसी बल में भी सेवाएं दी थी। वर्तमान में वह कन्नौज पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और इन दिनों उनकी ड्यूटी पूर्व सांसद सुब्रत पाठक की सुरक्षा में लगी एस्कॉर्ट गाड़ी पर थी। कौन जानता था कि दिल्ली से कन्नौज वापसी का यह सफर उनका आखिरी सफर बन जाएगा।
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हादसे की खबर जैसे ही सिपाही के घर पहुंची, कोहराम मच गया। राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची पत्नी गुड़िया अपने सुहाग के उजड़ने के गम में बार-बार बेसुध हो रही थीं। पास ही खड़ा पांच साल का मासूम बेटा बाॅवी अंजान नजरों से सब कुछ देख रहा था, जिसे यह तक नहीं पता कि अब वह पिता को कभी पुकार नहीं पाएगा। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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