{"_id":"76853","slug":"Kannauj-76853-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"1628 कब्रिस्तानों में नहीं बनी है बाउंड्रीवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1628 कब्रिस्तानों में नहीं बनी है बाउंड्रीवाल
Kannauj
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
कन्नौज। जनपद के कब्रिस्तानों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने व बाउंड्रीवाल बनवाने के लिए कराया जा रहा सर्वे पूरा हो गया है। अब रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। हरी झंडी मिलते ही गैर विवादित कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू हो जाएगा। वहीं विवादित कब्रिस्तानों के मामले में उनके संबंधित विवादों के समाधान का प्रयास भी शुरू हो गया है। जल्द ही इन्हें भी गैर विवादित कब्रिस्तानों की सूची में लाकर बाउंड्रीवाल निर्माण का रास्ता साफ किया जाएगा।
शासन ने विगत अप्रैल माह में सर्वे सहायक वक्फ आयुक्त/जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र भेजकर जनपद के सभी कब्रिस्तानों का सर्वे कर सूचना मांगी थी। ताकि कब्रिस्तानों को लेकर होने वाले झगड़ों या हिंसा का स्थायी समाधान किया जा सके । इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के कब्रिस्तानों के सर्वे का जिम्मा संबंधित तहसील प्रशासन को सौंपा गया था। वहीं नगर क्षेत्र में पालिका प्रशासन व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गयी थी। इस कवायद को अमर उजाला ने 7 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस बारे में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्रभान ने बताया कि जिले के बिना बाउड्रीवाल वाले कब्रिस्तानों की सूची तैयार की गयी है। इसमें गैर विवादित कब्रिस्तानों की सूची, विवादित कब्रिस्तानों की सूची व चाहरदीवारी निर्माण में आने वाले खर्च संबंधित बिंदुओं को ध्यान में रखकर सर्वे किया गया है। विवादित व गैरविवादित कब्रिस्तानों की सूची तैयार हो चुकी है।
जनपद के समस्त ग्रामों, नगर पंचायतों व नगर निकायों में 1628 कब्रिस्तान ऐसे पाए गए हैं जिनमें बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ है। इनमें सुन्नी के 103 कब्रिस्तान विवादित हैं। जबकि शिया के 8 कब्रिस्तान पाए गए हैं जो गैर विवादित है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। बाउंड्रीवाल के निर्माण की स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। साथ ही विवादित कब्रिस्तानों की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई की तीन माह में कब्रिस्तानों की विवादित समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने विगत अप्रैल माह में सर्वे सहायक वक्फ आयुक्त/जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पत्र भेजकर जनपद के सभी कब्रिस्तानों का सर्वे कर सूचना मांगी थी। ताकि कब्रिस्तानों को लेकर होने वाले झगड़ों या हिंसा का स्थायी समाधान किया जा सके । इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के कब्रिस्तानों के सर्वे का जिम्मा संबंधित तहसील प्रशासन को सौंपा गया था। वहीं नगर क्षेत्र में पालिका प्रशासन व नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गयी थी। इस कवायद को अमर उजाला ने 7 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस बारे में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी चंद्रभान ने बताया कि जिले के बिना बाउड्रीवाल वाले कब्रिस्तानों की सूची तैयार की गयी है। इसमें गैर विवादित कब्रिस्तानों की सूची, विवादित कब्रिस्तानों की सूची व चाहरदीवारी निर्माण में आने वाले खर्च संबंधित बिंदुओं को ध्यान में रखकर सर्वे किया गया है। विवादित व गैरविवादित कब्रिस्तानों की सूची तैयार हो चुकी है।
विज्ञापन
जनपद के समस्त ग्रामों, नगर पंचायतों व नगर निकायों में 1628 कब्रिस्तान ऐसे पाए गए हैं जिनमें बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हुआ है। इनमें सुन्नी के 103 कब्रिस्तान विवादित हैं। जबकि शिया के 8 कब्रिस्तान पाए गए हैं जो गैर विवादित है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। बाउंड्रीवाल के निर्माण की स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। साथ ही विवादित कब्रिस्तानों की समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई की तीन माह में कब्रिस्तानों की विवादित समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन