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डीएम ने तलाशीं पर्यटन की संभावनाएं
Kannauj
Updated Mon, 17 Nov 2014 05:30 AM IST
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कन्नौज। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने रविवार को पर्यटन की संभावनाओं को तलाशने के लिए पुरातत्व संग्रहालय, गौरीशंकर मंदिर, जयचंद्र की टीले पर चढ़कर मुआयना किया। टीले के आसपास हो रहे कब्जों पर नाराजगी जताई। एसडीएम व पुरातत्व विभाग को निर्देश दिए कि कब्जों की वीडियोग्राफी कराई जाए। इसके अलावा कब्जा कर रहे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
डीएम ने गौरीशंकर मंदिर के पार्क को देखा। इस दौरान पर्यटन को बढ़ाए जाने के लिए कई चीजों को इंगित किया। पुरातत्व संग्रहालय में पर्यटकों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए पास में पड़ी जमीन को भी देखा। नायब तहसीलदार को उक्त जमीनों को अभिलेख दिखाए जाने के निर्देश दिए। जयचंद्र की टीले पर डीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने का यह शहर का सबसे उपयुक्त स्थान है। जीटी रोड से यहां की दूरी महज चार किलोमीटर है। यहां से बालापीर, मकदूम जहानियां की भी दूरी कम है। इस क्षेत्र को डबलप करने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पुरातत्व विभाग के कलंदर विंद को निर्देश दिए कि इसके आसपास किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होना चाहिए। यदि नया कोई कब्जा हुआ तो पुरातत्व विभाग को ही जिम्मेदार ठहाराया जाएगा। एसडीएम को निर्देश दिए कि कब्जेदारों की वीडियोग्राफी कराई जाए। ताकि इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। इस मौके पर एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला, जल निगम के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार प्रेमनरायन प्रजापति सहित अन्य मौजूद रहे।
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1956 से नहीं हुई खुदाई
कन्नौज। जयचंद्र टीले पर 1956 में खुदाई हुई थी, तबसे आज तक किसी भी तरह की खुदाई नहीं हुई। उस दौरान खुदाई में पुराने समय की 14 मूर्तियां निकली थी। जो कि पुरातत्व विभाग के कार्यालय में रखी हुई हैं।
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डीएम ने गौरीशंकर मंदिर के पार्क को देखा। इस दौरान पर्यटन को बढ़ाए जाने के लिए कई चीजों को इंगित किया। पुरातत्व संग्रहालय में पर्यटकों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए पास में पड़ी जमीन को भी देखा। नायब तहसीलदार को उक्त जमीनों को अभिलेख दिखाए जाने के निर्देश दिए। जयचंद्र की टीले पर डीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने का यह शहर का सबसे उपयुक्त स्थान है। जीटी रोड से यहां की दूरी महज चार किलोमीटर है। यहां से बालापीर, मकदूम जहानियां की भी दूरी कम है। इस क्षेत्र को डबलप करने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पुरातत्व विभाग के कलंदर विंद को निर्देश दिए कि इसके आसपास किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होना चाहिए। यदि नया कोई कब्जा हुआ तो पुरातत्व विभाग को ही जिम्मेदार ठहाराया जाएगा। एसडीएम को निर्देश दिए कि कब्जेदारों की वीडियोग्राफी कराई जाए। ताकि इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। इस मौके पर एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला, जल निगम के अधिशाषी अभियंता राजेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार प्रेमनरायन प्रजापति सहित अन्य मौजूद रहे।
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1956 से नहीं हुई खुदाई
कन्नौज। जयचंद्र टीले पर 1956 में खुदाई हुई थी, तबसे आज तक किसी भी तरह की खुदाई नहीं हुई। उस दौरान खुदाई में पुराने समय की 14 मूर्तियां निकली थी। जो कि पुरातत्व विभाग के कार्यालय में रखी हुई हैं।
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