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फूड सिक्योरिटी एक्ट के दायरे में आएंगे कोल्डस्टोरेज
Kannauj
Updated Sat, 22 Feb 2014 05:30 AM IST
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कन्नौज। यूपी के समस्त जिलों के कोल्डस्टोरेज भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के दायरे में लाए जाएंगे। उद्यान विभाग ने कोल्डस्टोरेज मालिकों को इस आशय का फरमान भेजकर कवायद शुरू कर दी है। शीतगृह मालिकों को दो हजार रुपये सालाना शुल्क देकर जनपद स्तर पर संचालित खाद्य एवं औषधि विभाग से हर साल पंजीयन भी कराना पड़ेगा। कोल्डस्टोरेज में भंडारित आलू की क्वालिटी की सुरक्षा उनका दायित्व होगा। किसानों का आलू जिस हालत में भंडारित किया जाएगा, उसी हालत में लौटाना पड़ेगा। यदि भंडारण अवधि में आलू सड़ता है या खराब होता है तो इसके लिए शीतगृह स्वामी जिम्मेदार होंगे। भरपाई के तौर पर उन्हें किसानों को धनराशि देनी पड़ेगी। नए नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी डीएचओ को सौंपी गई है।
लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद जिलों की शीतगृह एसोसिएशन के अध्यक्षों के साथ हाल ही में खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के निदेशक एसपी जोशी ने बैठक करके खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत शीतगृहों का लाइसेंस पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने बताया कि शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी शीतगृह मालिकों को इस एक्ट का पालन करना पड़ेगा।
भंडारित आलू को सुरक्षित और गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए कोल्डस्टोरेज का तापमान बनाए रखना शीतगृह स्वामियों की जिम्मेदारी है। अक्सर किसान शिकायतें करते हैं कि कभी विद्युत आपूर्ति की गड़बड़ी तो कभी जनरेटर चलाने में कंजूसी करने के चक्कर में शीतगृह के चेंबरों का तापमान गड़बड़ा जाता है। इससे भंडारित आलू बाहर निकलने पर खराब व सड़ा निकलता है, जिससे किसानों को नुकसान होता है। शीतगृह स्वामी भंडारण किराया पूरा वसूलते हैं।
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उन्होंने बताया कि कन्नौज जनपद में 89 शीतगृह हैं। 10 शीतगृह मालिकों के आवेदन लाइसेंस के लिए लंबित हैं। निदेशालय से मिले निर्देशों से सभी को एक-दो दिन में अवगत करा देंगे। किसान विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य व प्रगतिशील आलू किसान योगेंद्र सिंह कहते हैं कि फूड सिक्योरिटी बिल से प्रदेश भर के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। शीतगृह वाले भाड़ा तो पूरा वसूल लेते हैं लेकिन हर बार निकासी के समय कई बोरा आलू खराब निकलता है, जिससे होने वाला नुकसान किसान को वहन करना पड़ता है।
उधर, कोल्डस्टोरेज मालिक विनय दुबे कहते हैं कि अभी फूड सिक्योरिटी एक्ट के बारे में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। कोई नोटिस या बैठक की सूचना भी नहीं है। जब अधिकारी एक्ट को लागू करने संबंधी कोई कदम उठाएंगे तो कोल्डस्टोरेज स्वामी भी विचार-विमर्श करने के बाद कोई निर्णय लेंगे। उधर कोल्डस्टोरेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमित उर्फ वरुण दीक्षित ने बताया कि हाल ही में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक्ट के संबंध में उन्हें किसी स्तर से कोई सूचना नहीं है। एक्ट लागू होने पर शीतगृह स्वामियों का क्या रुख होगा ? इस सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
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लखनऊ, आगरा, फिरोजाबाद, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद जिलों की शीतगृह एसोसिएशन के अध्यक्षों के साथ हाल ही में खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के निदेशक एसपी जोशी ने बैठक करके खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत शीतगृहों का लाइसेंस पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने बताया कि शासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी शीतगृह मालिकों को इस एक्ट का पालन करना पड़ेगा।
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भंडारित आलू को सुरक्षित और गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए कोल्डस्टोरेज का तापमान बनाए रखना शीतगृह स्वामियों की जिम्मेदारी है। अक्सर किसान शिकायतें करते हैं कि कभी विद्युत आपूर्ति की गड़बड़ी तो कभी जनरेटर चलाने में कंजूसी करने के चक्कर में शीतगृह के चेंबरों का तापमान गड़बड़ा जाता है। इससे भंडारित आलू बाहर निकलने पर खराब व सड़ा निकलता है, जिससे किसानों को नुकसान होता है। शीतगृह स्वामी भंडारण किराया पूरा वसूलते हैं।
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उन्होंने बताया कि कन्नौज जनपद में 89 शीतगृह हैं। 10 शीतगृह मालिकों के आवेदन लाइसेंस के लिए लंबित हैं। निदेशालय से मिले निर्देशों से सभी को एक-दो दिन में अवगत करा देंगे। किसान विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य व प्रगतिशील आलू किसान योगेंद्र सिंह कहते हैं कि फूड सिक्योरिटी बिल से प्रदेश भर के लाखों किसान लाभान्वित होंगे। शीतगृह वाले भाड़ा तो पूरा वसूल लेते हैं लेकिन हर बार निकासी के समय कई बोरा आलू खराब निकलता है, जिससे होने वाला नुकसान किसान को वहन करना पड़ता है।
उधर, कोल्डस्टोरेज मालिक विनय दुबे कहते हैं कि अभी फूड सिक्योरिटी एक्ट के बारे में अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। कोई नोटिस या बैठक की सूचना भी नहीं है। जब अधिकारी एक्ट को लागू करने संबंधी कोई कदम उठाएंगे तो कोल्डस्टोरेज स्वामी भी विचार-विमर्श करने के बाद कोई निर्णय लेंगे। उधर कोल्डस्टोरेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमित उर्फ वरुण दीक्षित ने बताया कि हाल ही में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक्ट के संबंध में उन्हें किसी स्तर से कोई सूचना नहीं है। एक्ट लागू होने पर शीतगृह स्वामियों का क्या रुख होगा ? इस सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।