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मोहर्रम के ताजिए बनना शुरू
Kannauj
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। मोहर्रम का चांद दिखाई देने के साथ ही ताजिए का निर्माण तेजी से शुरू हो गया है। चांद की 9 तारीख को यह गली मोहल्ले के चौक पर स्थापित कर दिए जाएंगे। इसके बाद चांद की 10 तारीख को गलियों व मुख्य मार्गों पर गश्त के बाद यह सभी ताजिए गमगीन माहौल में कर्बला में दफन कर दिए जाएंगे।
मीडिया प्रभारी मो. जीलानी खान ने कहा कि इस्लामी कलेंडर का पहला महीना मोहर्रम गम का महीना है। इस माह की पहली से लेकर दसवीं तारीख तक कर्बला के मैदान में हक व नाहक के बीच जंग हुई थी, जिसमें हजरत इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने परिजनों व अजीजों की शहादत दी थी और खुद अपनी शहादत को भी गले लगाया था। तीरों से छलनी अपने शरीर से भी अल्लाह की राह में सजदा करने के साथ नाना जान की उम्मत के लिए दुआ की थी। मोहर्रम के ताजिए आपकी शहादत को आज भी तरोताजा कर देते हैं।
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मीडिया प्रभारी मो. जीलानी खान ने कहा कि इस्लामी कलेंडर का पहला महीना मोहर्रम गम का महीना है। इस माह की पहली से लेकर दसवीं तारीख तक कर्बला के मैदान में हक व नाहक के बीच जंग हुई थी, जिसमें हजरत इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने परिजनों व अजीजों की शहादत दी थी और खुद अपनी शहादत को भी गले लगाया था। तीरों से छलनी अपने शरीर से भी अल्लाह की राह में सजदा करने के साथ नाना जान की उम्मत के लिए दुआ की थी। मोहर्रम के ताजिए आपकी शहादत को आज भी तरोताजा कर देते हैं।
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