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Kannauj News: सरकारी तिथि से पहले कर ली शादी, अनुदान से 323 आवेदक वंचित

Sun, 07 Dec 2025 12:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:22 AM IST
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323 applicants were denied grants for marrying before the official deadline.
कन्नौज। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। वहीं आवेदनों के सत्यापन में 323 ऐसे मामले मिले हैं जिन्होंने सरकारी तिथि से पहले शादी कर ली। ऐसे आवेदन बीडीओ व ईओ ने जांच में निरस्त कर दिए जिससे आवेदकों को लाभ से वंचित होना पड़ा।
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समाज कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की जा रही है। इसका लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके बाद सत्यापन होता है। वित्त वर्ष 2025-26 में 1475 आवेदन मिले थे। 13 नवंबर को तालग्राम में 140, 17 नवंबर हसेरन में 99, 21 नवंबर को तिर्वा में 140 और 24 नवंबर को सदर में 245 जोड़ों समेत 624 कन्याओं का विवाह कराया गया। वहीं सामूहिक विवाह की निर्धारित तिथि से पहले ही 323 आवेदकों ने शादी कर ली थी जो जांच में अपात्र मिले। बीडीओ और ईओ के स्तर से इनके आवेदन निरस्त कर दिए गए।
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528 आवेदन अधिकारियों की लॉगिन पर अभी भी लंबित हैं जिनका सत्यापन नहीं हो सका है। सत्यापन के बाद घोषित तिथि पर विवाह कराए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी वेदप्रकाश मिश्र ने बताया कि ब्लाॅक स्तर पर बीडीओ और नगर निकाय में ईओ आवेदनों का सत्यापन करते हैं। फरवरी 2026 में सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा।
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ऐसे होती है आवेदनों की जांच
जिला समाज कल्याण अधिकारी की लाॅगिन पर सबसे पहले आवेदक की आय और जाति का सत्यापन होता है। इसके बाद ब्लाॅक और निकाय के पास आवेदन सत्यापन के लिए भेजा जाता है। ब्लाॅक और नगर से संबंधित अधिकारी आयु और बैंक का सत्यापन करते हैं। साथ ही स्थलीय सत्यापन करते हैं कि युवती विवाहित तो नहीं है। सभी बिंदुओं पर जांच के बाद आवेदन को स्वीकृति दी जाती है।

बाॅयोमैट्रिक जांच के बाद की जाती पुष्टि
योजना में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के लिए इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। सात फेरों और निकाह से पहले जोड़ों का बायोमैट्रिक परीक्षण किया जाता है। इसके बाद ही सामूहिक विवाह व लाभ के लिए पात्र माना जाता है।


51 हजार की जगह एक लाख किया जाता खर्च
चलित वित्तीय वर्ष में योजना के तहत मिलने वाली धनराशि बढ़ा दी गई है। पहले एक जोड़े के विवाह पर 51 हजार रुपये खर्च किए जाते थे। इसमें 10 हजार रुपये का सामान, छह हजार रुपये आयोजन पर व्यय और 35 हजार रुपये वधू के खाते में दिए जाते थे। अब राशि एक लाख रुपये कर दी गई है। अब 25 हजार रुपये का सामान, 15 हजार रुपये आयोजन पर व्यय और 60 हजार रुपये वधू के खाते में भेजे जाते हैं।
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