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Kannauj News: किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म में 22 साल का कारावास
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कन्नौज। किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अल्का यादव ने मंगलवार को युवक पर दोष सिद्ध करते हुए 22 साल कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 13,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया गया।
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपार्ट में बताया कि 21 अप्रैल 2021 को गांव का ही आकाश उर्फ रामबाबू उसकी नाबालिग बेटी को भगा ले गया है। इसमें गांव के अंकित उर्फ सफी, सुमित व नीरज और आकाश की मां ममता देवी का सहयोग रहा है। बेटी 10 हजार रुपये की नकदी और आधार कार्ड समेत सभी कागजात ले गई है। जब उन्होंने आकाश के परिजनों से पूछा तो इन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की।
तत्कालीन कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने किशोरी को पकड़ लिया और कोर्ट में उसके बयान कराए गए। तब सामूहिक दुष्कर्म की धारा और बढ़ा दी गई। 21 सितंबर 2021 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने अंकित को अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए 22 साल कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्याें के अभाव में सुमित, नीरज व ममता को दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया गया। दोषी अंकित को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अनौगी भेज दिया गया।
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छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपार्ट में बताया कि 21 अप्रैल 2021 को गांव का ही आकाश उर्फ रामबाबू उसकी नाबालिग बेटी को भगा ले गया है। इसमें गांव के अंकित उर्फ सफी, सुमित व नीरज और आकाश की मां ममता देवी का सहयोग रहा है। बेटी 10 हजार रुपये की नकदी और आधार कार्ड समेत सभी कागजात ले गई है। जब उन्होंने आकाश के परिजनों से पूछा तो इन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की।
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तत्कालीन कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा ने किशोरी को पकड़ लिया और कोर्ट में उसके बयान कराए गए। तब सामूहिक दुष्कर्म की धारा और बढ़ा दी गई। 21 सितंबर 2021 को पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने अंकित को अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट में दोषी करार देते हुए 22 साल कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्याें के अभाव में सुमित, नीरज व ममता को दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया गया। दोषी अंकित को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अनौगी भेज दिया गया।
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