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Kannauj News: किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद
Tue, 09 May 2023 12:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 09 May 2023 12:38 AM IST
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कन्नौज। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है। उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है। उस पर रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। पुलिस की पकड़ में आने के बाद से दोषी चार साल से जेल में ही है।
मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी 15 वर्षीय किशोरी तीन नवंबर 2018 को अपनी नानी के साथ दिल्ली जा रही थी। बस पकड़ने के लिए वह जीटी रोड किनारे खड़ी थी। इसी बीच छिबरामऊ कोतवाली के ही कुअंरपुर-जनू गांव निवासी ब्रजेश पुत्र ओमकार वहां पहुंचा और किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले जाने लगा। उसकी नानी ने रोका लेकिन तब तक वह एक टेंपो में बैठाकर उसे ले भागा। शुरू में उसकी पहचान न होने पर परिवार वाले खुद ही बच्ची की तलाश करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि किशोरी को ब्रजेश अपने साथ दिल्ली ले गया है। इस पर किशोरी के पिता ने 20 नवंबर को छिबरामऊ कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। करीब एक महीने बाद पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से दबोच लिया। किशोरी भी उसी के पास से बरामद हुई। किशोरी को यहां लाकर उसका बयान दर्ज किया। किशोरी ने बताया कि आरोपी उसका अपहरण कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अपनी जांच के बाद अदालत में चार्जशीट जमा की। इस मामले में कुल आठ गवाह पेश किए गए। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अलका यादव ने आरोपी ब्रजेश को दोषी करार दिया। उन्होंने उसे 20 साल की कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने इस तरह सुनाई सजा, पकड़े जाने के बाद से जेल में गुनहगार
शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि अदालत ने आरोपी ब्रजेश को दोषी करार देने के बाद उसे अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई है। धारा 363 के तहत उसे पांच साल की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना। धारा 366 के तहत सात साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 376 (3) के तहत 20 साल की कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की रकम अदा न करने पर छह महीने की सजा अतिरिक्त होगी। यह सभी सजा एक साथ चलेगी। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद से ही वह अब तक जेल में ही है। उसे कभी जमानत नहीं मिली।
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मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी 15 वर्षीय किशोरी तीन नवंबर 2018 को अपनी नानी के साथ दिल्ली जा रही थी। बस पकड़ने के लिए वह जीटी रोड किनारे खड़ी थी। इसी बीच छिबरामऊ कोतवाली के ही कुअंरपुर-जनू गांव निवासी ब्रजेश पुत्र ओमकार वहां पहुंचा और किशोरी को बहलाकर अपने साथ ले जाने लगा। उसकी नानी ने रोका लेकिन तब तक वह एक टेंपो में बैठाकर उसे ले भागा। शुरू में उसकी पहचान न होने पर परिवार वाले खुद ही बच्ची की तलाश करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि किशोरी को ब्रजेश अपने साथ दिल्ली ले गया है। इस पर किशोरी के पिता ने 20 नवंबर को छिबरामऊ कोतवाली में मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। करीब एक महीने बाद पुलिस ने आरोपी को दिल्ली से दबोच लिया। किशोरी भी उसी के पास से बरामद हुई। किशोरी को यहां लाकर उसका बयान दर्ज किया। किशोरी ने बताया कि आरोपी उसका अपहरण कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने अपनी जांच के बाद अदालत में चार्जशीट जमा की। इस मामले में कुल आठ गवाह पेश किए गए। सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अलका यादव ने आरोपी ब्रजेश को दोषी करार दिया। उन्होंने उसे 20 साल की कैद की सजा सुनाई है।
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अदालत ने इस तरह सुनाई सजा, पकड़े जाने के बाद से जेल में गुनहगार
शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि अदालत ने आरोपी ब्रजेश को दोषी करार देने के बाद उसे अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई है। धारा 363 के तहत उसे पांच साल की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना। धारा 366 के तहत सात साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 376 (3) के तहत 20 साल की कैद और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की रकम अदा न करने पर छह महीने की सजा अतिरिक्त होगी। यह सभी सजा एक साथ चलेगी। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद से ही वह अब तक जेल में ही है। उसे कभी जमानत नहीं मिली।
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