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बच्चों के हक पोषाहार पर डाका, दो सुपरवाइजर पर मुकदमा

Sun, 16 Feb 2020 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 12:27 AM IST
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2 superviser per kais
कन्नौज/ तेराजाकेट। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों व गर्भवती को मिलने वाले पोषाहार पर कोई और नहीं बल्कि विभागीय अफसर डाका डाल रहे हैं। ब्लाक तालग्राम के कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर कम पोषाहार मिलने का मामला सामने आया है। गोदाम का जब सत्यापन किया गया तो 742 पैकेट कम पोषाहार निकला। निरीक्षण में मिलीं गड़बड़ी व अनियमितता पर प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने दोषी दो सुपरवाइजर के खिलाफ गुरसहायगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
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शनिवार को प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम कटियार ने ब्लाक तालग्राम क्षेत्र के अंागनबाड़ी केंद्र रजलामऊ प्रथम व द्वितीय का औचक निरीक्षण किया। यहां पोषाहार वितरण के बारे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से पूछताछ की गई तो बताया गया हर बार की तरह कम पोषाहार मिला है, जबकि वितरण रजिस्टर में अंतर था। यहां अफसरों को चार पैकेट कम पोषाहार मिला। ब्लाक तालग्राम में पोषाहार भंडार गृह का सत्यापन किया। यहां स्टाक में 2607 पैकेट पोषाहार के होने चाहिए। वहीं, सत्यापन में प्रभारी डीपीओ को 1865 पैकेट पोषाहार के मिले, जो 742 कम थे। कम पैकेट मिलने के बारे में भंडार सहायक व मुख्य सेविका संगीता शुक्ला जवाब नहीं दे पाई। वहीं, इंचार्ज मुख्य सेविका कामिनी शुक्ला गैरहाजिर थी। इसी तरह गोदाम व आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले पोषाहार में काफी अंतर मिला।
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परियोजना कार्यालय की उपस्थित पंजिका में कामिनी शुक्ला, संगीता शुक्ला अनुपस्थित मिली। प्रभारी डीपीओ ने दोनों सुपरवाइजरों के विरुद्ध धारा 409, 420, 467, 468, 471 में अभियोग पंजीकृत कराया।
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एडीओ कृषि से की पूछताछ
प्रभारी डीपीओ ने ब्लाक मुख्यालय पर पहुंच कर पुष्टाहार सत्यापन करने वाले अधिकारी एडीओ (कृषि) अरविंद सिंह से भी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि उन्हें स्टाक के समय सबकुछ ठीक मिला था। वितरण के समय यह अनियमितता पाई गई है।
मामला दबाने के कई आए फोन
प्रभारी डीपीओ नीलम कटियार ने बताया जांच में बहुत ही अनियमितता मिली है। जांच के दौरान काफी लोगों के फोन आए। इसमें मामले को दबाने के लिए दवाब बनाया गया, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दोषी दोनों सुपरवाइजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। साथ ही पूरे मामले को जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है।
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पोषाहार वितरण का मानक
जिला कार्यक्रम विभाग के अनुसार सात माह से तीन वर्ष के बच्चों को माह में तीन बार एक-एक पैकेट पोषाहार का वितरण किया जाता है। इसी तरह गर्भवती व धात्री महिलाओं को माह में तीन वार पोषाहार का वितरण होता है। इसमें मीठा, नमकीन व प्री-मिक्स होता है। वितरण की तिथि पांच, 15 व 25 निर्धारित है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत तीन साल से छह साल तक के बच्चों को 50 ग्राम पोषाहार का प्रतिदिन वितरण होता है।

1,57,872 बच्चे हैं पंजीकृत
जिले में 1615 आंगनबाड़ी केंद्र व 185 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें शहरी क्षेत्र समेत आठ विकास खंडों में 1,57,872 बच्चे पंजीकृत हैं। पंजीकृत समेत नवजात, गर्भवती/धात्री महिलाओं को पोषाहार वितरण करने के आदेश है। पोषाहार का गोदाम से उठान किया जाता है। यहां केंद्रों को कम पोषाहार वितरित कर उसे अधिक दिखा दिया जाता है। वहीं, एजेंट के माध्यम से कम रुपये में पोषाहार की बोरी बेच दी जाती है। एजेंट गांव में इन बोरी के दोगुने रुपये वसूल करते हैं।
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