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ठंड लगने से पूर्व प्रधान की मौत
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:15 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। सोमवार को ठंड और बढ़ गई। दो डिग्री की गिरावट के साथ न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ठंड की चपेट में आने से गांव अटारा निस्प ठठिया के पूर्व प्रधान को हार्टअटैक पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सर्दी जनित बीमारियों से पीड़ित 150 मरीज पहुंचे।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव अटारा निस्प ठठिया गांव के पूर्व प्रधान सुशील तिवारी (52) रविवार सुबह खेत पर गए थे। वहां ठंड लगने से उनकी हालत हालत बिगड़ गई। परिजन कानपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां रात करीब नौ बजे पूर्व प्रधान की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक डाक्टरों ने ठंड की वजह से दिल का दौरा पड़ने से मौत होना बताया है। भाई संतोष तिवारी ने बताया कि सुशील ने एक साल पहले केसीसी से कर्ज लिया था, उसे चुका न पाने से तनाव में रहते थे। परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
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उधर अस्पतालों में भी सर्दी जनित बीमारियों से परेशान लोगों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को जिला की ओपीडी में 820 और मेडिकल कालेज में 1180 मरीज पहुंचे। इसमें करीब 150 बच्चे सर्दी जुकाम और करीब 100 लोग सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ सुमित सचान ने बताया कि बच्े निमोनिया और कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखें। सुबह-शाम के समय ऊनी वस्त्र पहनाए रहें। ठंडी चीजों का सेवन न करें। सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि ठंड में दिल का दौरा पड़ने की आशंका बनी रहती है, अधेड़ और बुजुर्ग गर्म कपड़े पहन कर ही घर से निकलें।
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जिला अस्पताल की लैब में प्रतिदिन 200 मरीजों की रक्त जांच कर मलेरिया, टाइफाइड, स्नोफीलिया आदि की जांच की जाती है। मुख्य टेक्नीशियन राजीव बघेल ने बताया कि जांच में वायरल से सर्वाधिक रोगी आ रहे हैं। डा. वीके शुक्ला ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 हृदय रोगी आ रहे हैं। सर्दी में हृदय रोगियों में एंजाइना या हार्टअटैक की आशंका 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं। तापमान में गिरावट के साथ कोरोनरी हार्ट डिजीज (सीएचडी) की आशंका भी बढ़ जाती है। जरूरी है कि सर्दियां शुरू होने से पहले रक्त की जांच कराएं। रक्तचाप की असामान्य होने पर जरूरी इलाज लें। इसी तरह बुजुर्गों में सांस लेने और हड्डियों में दर्द होने लगता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से वायरल की चपेट में आ जाते हैं।
एक सप्ताह से ठंड पड़ रही है लेकिन अभी तक शहर में अलाव नहीं जलवाए गए हैं। चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे तक लोग ठिठुरते देखे जा सकते हैं। डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि अलाव जलवाने का आदेश दिया जा चुका है। लापरवाही बरत रहे कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
ठंड लगने से पूर्व प्रधान की मौत
अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी, भर्ती मरीजों की ठंड नहीं दूर कर पा रहे हल्के कंबल
फोटो 17केएनजेपी 07- जिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी भीड़।
फोटो 17केएनजेपी 04- घर से रजाई लेकर आ रहे तीमारदार।
फोटो 16- फाइल फोटो मृतक पूर्व प्रधान सुशील तिवारी।