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मजदूर की मौत के बाद भुखमरी के मुहाने पर परिवार
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कन्नौज जिले में भूसा निकालते समय कच्चे मकान की छत गिरने से मौत का शिकार हुए मजदूर के परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। बीमार पत्नी पर चार बच्चों के जीवन-यापन की जिम्मेदारी आ गई है। पत्नी ने अधिकारियों ने आर्थिक सहायता की मांग की है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मियागंज में रहने वाले किसान सियाराम दिवाकर ने सोमवार को अपने कच्चे मकान से भूसा निकलवाने के लिए गांव के 35 वर्षीय पंकज को मजदूरी पर रखा था। तभी कच्चा मकान गिर गया। पंकज की मौत हो गई थी। पंकज की मौत से घर में चूल्हा नहीं जला। पंकज की पत्नी संध्या बीमार हैं। उस पर 10 वर्षीय पुत्री काजल, नौ वर्षीय वर्षा, सात वर्षीय प्रतिज्ञा, चार वर्षीय बेटे प्रांशु के जीवन-यापन की जिम्मेदारी आ गई है। संध्या ने बताया कि जमीन नहीं है। पति की मौत से परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया। बीमार होने के कारण वह मजदूरी भी नहीं कर पा रहीं। संध्या ने आर्थिक सहायता की मांग की है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मियागंज में रहने वाले किसान सियाराम दिवाकर ने सोमवार को अपने कच्चे मकान से भूसा निकलवाने के लिए गांव के 35 वर्षीय पंकज को मजदूरी पर रखा था। तभी कच्चा मकान गिर गया। पंकज की मौत हो गई थी। पंकज की मौत से घर में चूल्हा नहीं जला। पंकज की पत्नी संध्या बीमार हैं। उस पर 10 वर्षीय पुत्री काजल, नौ वर्षीय वर्षा, सात वर्षीय प्रतिज्ञा, चार वर्षीय बेटे प्रांशु के जीवन-यापन की जिम्मेदारी आ गई है। संध्या ने बताया कि जमीन नहीं है। पति की मौत से परिवार भुखमरी की कगार पर आ गया। बीमार होने के कारण वह मजदूरी भी नहीं कर पा रहीं। संध्या ने आर्थिक सहायता की मांग की है।
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