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15 घंटे जाम से बिलबिलाए लोग
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Wed, 06 Jul 2016 11:48 PM IST
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तिर्वा-बेला मार्ग पर फंसा डंपर।
- फोटो : अमर उजाला
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तिर्वा-बेला मार्ग पर उमर्दा पुल से करीब पांच सौ मीटर पहले गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क पर गिट्टी भरे डंपर फंस जाने से 15 घंटे जाम लगा रहा। ट्रक, बस, चौपहिया व दुपहिया वाहन सवारों को पूरी रात जाम से जूझना पड़ा। लंबी दूरी तय कर आए ट्रक चालकों को भूख-प्यास ने भी परेशान किया। पुलिस चौकी के चंद कदम दूरी तक दोनों साइड में जाम लगे होने के बावजूद चौकी इंचार्ज का कहना था कि उनको कोई जानकारी नहीं दी गई।
विदित हो कि उमर्दा पुल से करीब पांच सौ मीटर पहले रोड पर पानी के भर जाने से यहां अक्सर बड़े वाहनों निकलते हैं। ऐसे में यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सोमवार को पहले एक ट्रक फंस जाने से कई घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। किसी तरह ट्रक चालकों ने प्रयास करके वाहन को निकाल लिया। इससे मार्ग साफ हो गया। मंगलवार की देर शाम को गिट्टी भरे डंपर के गहरे गड्ढे में चले जाने के बाद उसको निकालने के लिए काफी प्रयास हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ट्रक के फंस जाने से रोड पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इस दौरान दुपहिया वाहन सवारों को बगल के फुटपाथ पर कीचड़ से गुजरकर निकलने के लिए विवश होना पड़ा। यह सिलसिला अगले दिन सुबह तक जारी रहा। जबकि एंबुलेंस सहित अन्य चौपहिया वाहनों को भी निकलने में दिक्कत हुई। जबकि, ट्रकों की दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान ट्रक चालक पूरी रात्रि भूख-प्यास को लेकर भी जूझे। उमर्दा पुल के पास महज एक ढाबा पर चालकों ने कुछ खा-पीकर रात गुजारी।
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बुधवार की सुबह क्रेन के आने के बाद सुबह ग्यारह बजे के बाद फंसे डंफर को निकाला जा सका। उधर, इस मामले में जब उमर्दा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार से पूछा गया तो उनका कहना था कि डंपर फंसे होने की जानकारी है। सुबह डंपर निकल गया था। जाम को खुलवाए जाने के प्रयास के बारे में बताया कि जाम जैसी कोई बात नहीं थी, जबकि चौकी के पास तक ट्रकों की लंबी कतार लगी रही।
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विदित हो कि उमर्दा पुल से करीब पांच सौ मीटर पहले रोड पर पानी के भर जाने से यहां अक्सर बड़े वाहनों निकलते हैं। ऐसे में यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सोमवार को पहले एक ट्रक फंस जाने से कई घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। किसी तरह ट्रक चालकों ने प्रयास करके वाहन को निकाल लिया। इससे मार्ग साफ हो गया। मंगलवार की देर शाम को गिट्टी भरे डंपर के गहरे गड्ढे में चले जाने के बाद उसको निकालने के लिए काफी प्रयास हुआ, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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ट्रक के फंस जाने से रोड पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। इस दौरान दुपहिया वाहन सवारों को बगल के फुटपाथ पर कीचड़ से गुजरकर निकलने के लिए विवश होना पड़ा। यह सिलसिला अगले दिन सुबह तक जारी रहा। जबकि एंबुलेंस सहित अन्य चौपहिया वाहनों को भी निकलने में दिक्कत हुई। जबकि, ट्रकों की दोनों ओर एक-एक किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान ट्रक चालक पूरी रात्रि भूख-प्यास को लेकर भी जूझे। उमर्दा पुल के पास महज एक ढाबा पर चालकों ने कुछ खा-पीकर रात गुजारी।
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बुधवार की सुबह क्रेन के आने के बाद सुबह ग्यारह बजे के बाद फंसे डंफर को निकाला जा सका। उधर, इस मामले में जब उमर्दा चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार से पूछा गया तो उनका कहना था कि डंपर फंसे होने की जानकारी है। सुबह डंपर निकल गया था। जाम को खुलवाए जाने के प्रयास के बारे में बताया कि जाम जैसी कोई बात नहीं थी, जबकि चौकी के पास तक ट्रकों की लंबी कतार लगी रही।