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15 हजार रुपये किया जाए मानदेय
अमर उजाला ब्यूरो, कन्नौज
Updated Sun, 17 Jul 2016 12:07 AM IST
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धरने के लिए इकट्ठी हुईं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- फोटो : अमर उजाला
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश संगठन की जिलाध्यक्ष ममता मिश्रा के नेतृत्व में धरना दिया। इन्होंने एसडीएम सदर को ज्ञापन देते हुए मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग की।
धरने के दौरान कार्यकत्रियों ने कहा कि शासन ने ग्राम प्रधानाें के साथ संयुक्त खाता खुलवाने का आदेश दिया है। इसे वापस लिया जाए। केंद्र व प्रदेश सरकार से स्पष्ट शासनादेश है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से उनके मूल कार्यों के अलावा अन्य कोई भी कार्य नहीं कराया जा सकता है। इसके बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर जबरन बीएलओ ड्यूटी थोपी जा रही है। तहसील के कर्मचारी उनके साथ बदसलूकी कर रहे हैं।
इन्होंने तत्काल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की। इन्होंने कहा कि 15 मई 2016 को लखनऊ में हुए धरना प्रदर्शन में मंत्री शिवप्रसाद यादव के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसके तहत 15 दिन के अंदर मुख्यमंत्री से बात कर आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने के लिए कहा गया था। अभी तक मानदेय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है
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धरने के दौरान कार्यकत्रियों ने कहा कि शासन ने ग्राम प्रधानाें के साथ संयुक्त खाता खुलवाने का आदेश दिया है। इसे वापस लिया जाए। केंद्र व प्रदेश सरकार से स्पष्ट शासनादेश है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से उनके मूल कार्यों के अलावा अन्य कोई भी कार्य नहीं कराया जा सकता है। इसके बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर जबरन बीएलओ ड्यूटी थोपी जा रही है। तहसील के कर्मचारी उनके साथ बदसलूकी कर रहे हैं।
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इन्होंने तत्काल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की। इन्होंने कहा कि 15 मई 2016 को लखनऊ में हुए धरना प्रदर्शन में मंत्री शिवप्रसाद यादव के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसके तहत 15 दिन के अंदर मुख्यमंत्री से बात कर आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने के लिए कहा गया था। अभी तक मानदेय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है
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