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नेता और जनप्रतिनिधियों को हरहाल में जमा करने होंगे असलहा
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कन्नौज। निर्वाचन विभाग ने चुनाव के दौरान शस्त्र धारक नेताओं और जनप्रतिनिधियों को झटका दिया है। सुरक्षा का हवाला देकर चुनाव के दौरान शस्त्र रखने की अनुमति देने से अधिकारियों ने मना कर दिया है। निजी कंपनी और संस्थानों में नौकरी करने वाले सुरक्षा कर्मियों को राहत देते हुए शस्त्र रखने की अनुमति दी गई है।
लोकसभा चुनाव के चलते जिले में लाइसेंसी शस्त्र जमा किए जा रहे हैं। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चुनाव के दौरान असलहा रखने की अनुमति मांगी है। डीएम के निर्देश पर इन्हें शस्त्र रखने की अनुमति नहीं दी गई है। अगर किसी नेता की जान को खतरा है, तो जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी। अस्पताल, कॉलेज, बैंक समेत अन्य संस्थाओं में असलहा लेकर ड्यूटी करने वाले 250 सुरक्षा कर्मचारियों को ड्यूटी करने वाले संस्थान के प्रबंधकों की संस्तुति के बाद असलहा रखने की अनुमति दी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार ने बताया कि चुनाव में नेता और जनप्रतिनिधि असलहों के बल पर मतदाताओं को धमकाने व असलहों का प्रदर्शन कर सकते हैं। इन लोगों के शस्त्रों को जमा कराया जा रहा है। शस्त्र जमा न करने पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
नेता और जनप्रतिनिधियों को हर हाल में जमा करने होंगे असलहा
नेताओं के सुरक्षा का हवाला देकर दिए गए प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों ने किया निरस्त, बैंक, अस्पताल, कॉलेज और कंपनियों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को शस्त्र रखने की दी गई अनुमति
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लोकसभा चुनाव के चलते जिले में लाइसेंसी शस्त्र जमा किए जा रहे हैं। कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर चुनाव के दौरान असलहा रखने की अनुमति मांगी है। डीएम के निर्देश पर इन्हें शस्त्र रखने की अनुमति नहीं दी गई है। अगर किसी नेता की जान को खतरा है, तो जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी। अस्पताल, कॉलेज, बैंक समेत अन्य संस्थाओं में असलहा लेकर ड्यूटी करने वाले 250 सुरक्षा कर्मचारियों को ड्यूटी करने वाले संस्थान के प्रबंधकों की संस्तुति के बाद असलहा रखने की अनुमति दी गई है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेष कुमार ने बताया कि चुनाव में नेता और जनप्रतिनिधि असलहों के बल पर मतदाताओं को धमकाने व असलहों का प्रदर्शन कर सकते हैं। इन लोगों के शस्त्रों को जमा कराया जा रहा है। शस्त्र जमा न करने पर शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
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नेता और जनप्रतिनिधियों को हर हाल में जमा करने होंगे असलहा
नेताओं के सुरक्षा का हवाला देकर दिए गए प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों ने किया निरस्त, बैंक, अस्पताल, कॉलेज और कंपनियों में तैनात सुरक्षा कर्मियों को शस्त्र रखने की दी गई अनुमति
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