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Kannauj News: 11 गर्भवतियों की जांच, दो हाई रिस्क श्रेणी में
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तालग्राम। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) डे पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 11 गर्भवतियों की जांच की गई, जिसमें दो हाई रिस्क श्रेणी में पाई गईं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय, ब्लॉक अपर शोध अधिकारी सर्वेश कुमार की देखरेख में एएनएम रेनू कटियार, ममता यादव ने आयोजित स्वास्थ्य शिविर में गर्भवती महिलाओं का वजन, खून की मात्रा, ब्लड प्रेशर की जांच की। शिविर में 11 गर्भवतियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच दो महिलाएं हाई रिस्क श्रेणी में पाई गई। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि सभी को अधिक से अधिक मौसमी फल व हरी सब्जियां खाने की सलाह दी गई।
इन दिनों गर्भवती जो भी सेवन करती हैं, शिशु को उसी से आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। इससे दोनों की सेहत अच्छी रहेगी।
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गर्भवती इनका रखें ध्यान
ब्लॉक अपर शोध अधिकारी सर्वेश ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को चाहिए कि भोजन न केवल पोषक हो, बल्कि सुपाच्य भी हो। गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाओं में कब्ज, अपच और उल्टियां होने की शिकायत रहती है। बेहतर रहेगा कि अधिक तेल मसाले वाले भोजन या जंक फूड व फास्ट फूड के सेवन से बचें। घर का बना सादा खाना ही खाएं। थोड़ा-थोड़ा खाएं और बीच में डेढ़ या दो घंटे का अंतराल जरूर रखें। बाजार के पैक्ड जूस की जगह घर में फलों का जूस निकालकर पीएं।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय, ब्लॉक अपर शोध अधिकारी सर्वेश कुमार की देखरेख में एएनएम रेनू कटियार, ममता यादव ने आयोजित स्वास्थ्य शिविर में गर्भवती महिलाओं का वजन, खून की मात्रा, ब्लड प्रेशर की जांच की। शिविर में 11 गर्भवतियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच दो महिलाएं हाई रिस्क श्रेणी में पाई गई। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि सभी को अधिक से अधिक मौसमी फल व हरी सब्जियां खाने की सलाह दी गई।
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इन दिनों गर्भवती जो भी सेवन करती हैं, शिशु को उसी से आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। इससे दोनों की सेहत अच्छी रहेगी।
गर्भवती इनका रखें ध्यान
ब्लॉक अपर शोध अधिकारी सर्वेश ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को चाहिए कि भोजन न केवल पोषक हो, बल्कि सुपाच्य भी हो। गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाओं में कब्ज, अपच और उल्टियां होने की शिकायत रहती है। बेहतर रहेगा कि अधिक तेल मसाले वाले भोजन या जंक फूड व फास्ट फूड के सेवन से बचें। घर का बना सादा खाना ही खाएं। थोड़ा-थोड़ा खाएं और बीच में डेढ़ या दो घंटे का अंतराल जरूर रखें। बाजार के पैक्ड जूस की जगह घर में फलों का जूस निकालकर पीएं।
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