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Jhansi News: इतिहास और साहित्य की ओर बढ़ रहे युवा
Wed, 20 Mar 2024 01:03 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 20 Mar 2024 01:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। युवाओं को रुझान अब साहित्य की ओर बढ़ चला है। डिजिटल दौर में अभी भी युवाओं का एक तबका ऐसा है, जिनके लिए किताबें सब कुछ हैं। किसी को इतिहास पसंद है, तो कोई साहित्यिक और प्रेरणादायी किताबें पढ़ना चाहता है। जो युवा नौकरी की आस में हैं, उनको प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए इतिहास से जुड़ी पुस्तकें पसंद आ रही हैं। बुंदेलखंड विवि में चल रहे अखिल भारतीय पुस्तक मेले में पहुंच रहे युवा ऐसे ही विषयों की किताबें खरीद रहे हैं।
ऐसा माना जाता है कि डिजिटल के दौर में किताबों में रूचि रखने वाले कम हुए हैं। लेकिन पुस्तक मेले में युवाओं की भीड़ इसे गलत साबित करती नजर आ रही है। मेले में युवाओं की अच्छी खासी उपस्थिति को देख प्रकाशक भी उत्साहित हैं। वहीं युवा इतिहास और साहित्य को खरीद रहे हैं। जिंदगी में सफल होने के लिए युवा प्रेरणादायी विचारों और अच्छे संदेश देने वाली किताबें, व्यक्तित्व सुधार जैसी किताबों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। युवाओं ने कहा कि वे अच्छी किताबें पढ़ना चाहते हैं लेकिन किताबें बहुत ज्यादा मिलती नहीं।
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मैं खुद को पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। इसलिए मैंने मोटिवेशनल किताबें खरीदी हैं। - जया व्यास, अर्थशास्त्र विभाग
स्नातक का आखिरी साल है, इसलिए मैं नौकरी की तैयारी के लिए किताब खरीद रहा हूं। - आदित्य कनौजिया, पत्रकारिता विभाग
इस वर्ष पुस्तक मेले में अच्छी पुस्तकें आई हैं, मैंने कई किताबें खरीद लीं हैं। - शैलेंद्र कुमार, शिक्षा विभाग
मैं तो अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से संबंधित पुस्तकें खरीदने आई हूं। - खुशबू मिश्रा, माइक्रो बायोलॉजी विभाग
समसामायिक और इतिहास की जानकारी वाली पुस्तकें देख रहा हूं। - तनुश्री साहू, अंग्रेजी विभाग
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पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा बदल देती हैं : श्रीरामजी
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले और अखिल भारतीय लेखक शिविर में कानपुर प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्रीरामजी ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा बदल देती हैं। इसलिए पुस्तकें अवश्य पढ़ें, ताकि आपके जीवन को नई दिशा मिल सके। इसके साथ ही प्रतिदिन कुछ न कुछ अवश्य लिखें, अपने बारे या अपने परिवार, देश-दुनिया जो आपका मन हो लिखें। रामकेश ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वाध्याय को विकसित करना चाहिए। कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडे ने कहा कि पुस्तक मेले में साहित्य और कविता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों के लिए लाभदायक हैं। अखिल भारतीय लेखक शिविर दिल्ली से आए डॉ. अमित धर्म सिंह ने युवाओं को कविता लेखन की बारीकियों के बारे में समझाया। प्रसिद्ध कथाकार प्रो. देवेंद्र ने युवाओं को कहानी लेखन की विधा बताई। इस अवसर पर डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. बिपिन प्रसाद, डॉ. सुधा दीक्षित, डॉ. सुनीता वर्मा मौजूद रहे। संवाद
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झांसी। युवाओं को रुझान अब साहित्य की ओर बढ़ चला है। डिजिटल दौर में अभी भी युवाओं का एक तबका ऐसा है, जिनके लिए किताबें सब कुछ हैं। किसी को इतिहास पसंद है, तो कोई साहित्यिक और प्रेरणादायी किताबें पढ़ना चाहता है। जो युवा नौकरी की आस में हैं, उनको प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए इतिहास से जुड़ी पुस्तकें पसंद आ रही हैं। बुंदेलखंड विवि में चल रहे अखिल भारतीय पुस्तक मेले में पहुंच रहे युवा ऐसे ही विषयों की किताबें खरीद रहे हैं।
ऐसा माना जाता है कि डिजिटल के दौर में किताबों में रूचि रखने वाले कम हुए हैं। लेकिन पुस्तक मेले में युवाओं की भीड़ इसे गलत साबित करती नजर आ रही है। मेले में युवाओं की अच्छी खासी उपस्थिति को देख प्रकाशक भी उत्साहित हैं। वहीं युवा इतिहास और साहित्य को खरीद रहे हैं। जिंदगी में सफल होने के लिए युवा प्रेरणादायी विचारों और अच्छे संदेश देने वाली किताबें, व्यक्तित्व सुधार जैसी किताबों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। युवाओं ने कहा कि वे अच्छी किताबें पढ़ना चाहते हैं लेकिन किताबें बहुत ज्यादा मिलती नहीं।
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मैं खुद को पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। इसलिए मैंने मोटिवेशनल किताबें खरीदी हैं। - जया व्यास, अर्थशास्त्र विभाग
स्नातक का आखिरी साल है, इसलिए मैं नौकरी की तैयारी के लिए किताब खरीद रहा हूं। - आदित्य कनौजिया, पत्रकारिता विभाग
इस वर्ष पुस्तक मेले में अच्छी पुस्तकें आई हैं, मैंने कई किताबें खरीद लीं हैं। - शैलेंद्र कुमार, शिक्षा विभाग
मैं तो अपनी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी से संबंधित पुस्तकें खरीदने आई हूं। - खुशबू मिश्रा, माइक्रो बायोलॉजी विभाग
समसामायिक और इतिहास की जानकारी वाली पुस्तकें देख रहा हूं। - तनुश्री साहू, अंग्रेजी विभाग
पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा बदल देती हैं : श्रीरामजी
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले और अखिल भारतीय लेखक शिविर में कानपुर प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्रीरामजी ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा बदल देती हैं। इसलिए पुस्तकें अवश्य पढ़ें, ताकि आपके जीवन को नई दिशा मिल सके। इसके साथ ही प्रतिदिन कुछ न कुछ अवश्य लिखें, अपने बारे या अपने परिवार, देश-दुनिया जो आपका मन हो लिखें। रामकेश ने कहा कि विद्यार्थियों को स्वाध्याय को विकसित करना चाहिए। कुलपति प्रोफेसर मुकेश पांडे ने कहा कि पुस्तक मेले में साहित्य और कविता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भी उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों के लिए लाभदायक हैं। अखिल भारतीय लेखक शिविर दिल्ली से आए डॉ. अमित धर्म सिंह ने युवाओं को कविता लेखन की बारीकियों के बारे में समझाया। प्रसिद्ध कथाकार प्रो. देवेंद्र ने युवाओं को कहानी लेखन की विधा बताई। इस अवसर पर डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. बिपिन प्रसाद, डॉ. सुधा दीक्षित, डॉ. सुनीता वर्मा मौजूद रहे। संवाद
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