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जिम में सही तरीके से वजन न उठाने से युवा हो रहे टेनिस एल्बो का शिकार

Sun, 21 Aug 2022 01:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Aug 2022 01:06 AM IST
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Young people are becoming victims of tennis elbow due to not lifting weight properly in the gym.
झांसी। जिम में सही तरीके से वजन नहीं उठाने की वजह से कई युवाओं को टेनिस एल्बो की बीमारी हो रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में ही हर साल करीब 750 मरीज दिखाने आते हैं। इस बीमारी में पानी का ग्लास उठाते से भी मरीज को तेज दर्द होेने लगता है। वहीं, स्लिप डिस्क की भी समस्या से युवा परेशान हैं।
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खुद को फिट रखने के लिए कई युवा जिम जाते हैं। शहर में लगातार नई-नई जिम भी खुलती जा रही हैं मगर कई जगहों पर अच्छे ट्रेनर नहीं हैं। ऐसे में युवाओं को सही तरह से वेट लिफ्टिंग कराने की जानकारी नहीं होती है। जिम में होने वाली दूसरी कसरतें भी सही से नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उन्हें तमाम प्रकार की परेशानियां शुरू हो जाती हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञों के मुताबिक सही तरह से जिम न करने पर युवाओं को सबसे ज्यादा स्लिप डिस्क की समस्या हो रही है। ओपीडी में 40 प्रतिशत युवा तो ये ही समस्या लेकर आते हैं। वहीं, कमजोर पकड़, सही तरीके से वजन न उठाने, गलत तरह से स्ट्रेचिंग न करने से युवाओं को टेनिस एल्बो की बीमारी हो रही है। इस बीमारी में मांसपेशियां हड्डी से उखड़ जाती हैं। टेनिस एल्बो का समय पर इलाज नहीं कराया गया तो इसका असहनीय दर्द हो जाता है। यहां तक कि लोग पानी से भरा ग्लास नहीं उठा पाते। शेविंग और ब्रश नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा हाथ घुमाने, पेच कसने, कैंची चलाने तक में दिक्कत होती है। दवाओं, इंजेक्शन से आराम नहीं मिलने पर सर्जरी करनी पड़ती है। डॉक्टरों ने बताया कि कई खिलाड़ियों को भी ये बीमारी हो जाती है। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को भी ये बीमारी रही है। इस कारण उन्हें कई महीनों क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था।
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इन बातों का रखें ध्यान
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- कुशल ट्रेनर के निर्देशन में जिम करें
- शुरू में ही बहुत भारी वजन न उठाएं
- वेट लिफ्टिंग के दौरान रिस्ट, एल्बो बैंड बांधें
- भारोत्तलन के दौरान कमर पर भी बेल्ट पहनें
- वजन उठाते समय पकड़ भी मजबूत रखें
केस-1
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सीपरी बाजार का 23 वर्षीय युवक जिम में वेटलिफ्टिंग करने के बाद घर आकर सो गया। सुबह उठा तो कमर में तेज दर्द था। गर्म पानी से सिकाई की तो कुछ राहत मिली। फिर दोस्त की मदद से लंगड़ाता हुआ डॉक्टर के पास पहुंचा। चिकित्सक ने बताया कि स्लिप डिस्क की समस्या हो गई। इंजेक्शन लगाने पर आराम मिला।
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केस-2
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18 साल के युवक को भी लगातार जिम करने के बाद टेनिस एल्बो की बीमारी हो गई। हल्का सा भी वजन उठाने पर तेज दर्द होने लगा। वह न तो पेच कस पाता और न ही हाथ घुमा पाता। यहां तक कि बाइक का एक्सीलेटर लेने में भी दर्द होने लगा। डॉक्टर को दिखाने पर उसकी दवाएं शुरू हो गई हैं। पहले से कुछ आराम है।
गलत तरीके से जिम में कसरत करने पर युवाओं में टेनिस एल्बो और स्लिप डिस्क की समस्या हो रही है। टेनिस एल्बो का मरीज पानी का ग्लास तक नहीं उठा पाता है। ये बीमारी क्रिकेट सचिन तेंदुलकर को रही है। मेडिकल कॉलेज में हर साल इसके 750 मरीज इस बीमारी के आते हैं। - डॉ. अमित सहगल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज।

रोजाना की ओपीडी में 15 फीसदी मरीज टेनिस एल्बो, 40 फीसदी स्लिप डिस्क की समस्या लेकर आते हैं। अधिकतर युवा होते हैं, जो कि बिना कुशल ट्रेनर के जिम करने से इन बीमारियों का शिकर होते हैं। इसके अलावा कई खिलाड़ियों को भी ये समस्या हो जाती है। - डॉ. राकेश त्रिपाठी, हड्डी रोग विशेषज्ञ।
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