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डॉक्टरों की कमी से तीन दिन से बंद पड़ी महिला अस्पताल की ओपीडी
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झांसी। जिला महिला अस्पताल मेें डॉक्टरों की कमी होने के कारण तीन दिन से अस्पताल की ओपीडी बंद पड़ी है। यहां एक भी चिकित्सक गर्भवतियों को परामर्श देने के लिए नहीं बैठा है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से विभागीय अधिकारियों से कई बार चिकित्सकों की मांग की जा चुकी है। लेकिन किसी भी चिकित्सक को तैनात नहीं किया गया है।
अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कुल संख्या चार है। जिसमें से एक वरिष्ठ चिकित्सक कई दिनों से छुट्टी पर हैं। वहीं एक चिकित्सक के बेटे की शादी होने के कारण वह भी छुट्टी पर है। जिसके चलते अस्पताल में कुल दो ही डॉक्टर बचे हैं। ऐसे में ओटी, लेबर रूम व नाइट ड्यूटी होने के कारण ओपीडी में चिकित्सक की ड्यूटी लगाना संभव नहीं हो रहा है। जिसके चलते शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओें को चिकित्सक से परामर्श लिए बिना ही लौटना पड़ रहा है। शनिवार को इलाज कराने आई रक्सा निवासी सपना ने बताया कि तीन दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। भट्टा गांव निवासी विमला ने बताया कि कोई भी डॉक्टर नहीं होेने से उसे बालरोग विशेषज्ञ को दिखाना पड़ा है। वहीं, बड़ा बाजार निवासी शबनम ने बताया कि सुबह दस बजे से अस्पताल में चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई भी नहीं आया है।
सीएमएस डॉ. शाहिदा परवीन ने बताया कि चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत किया जा चुका है। वहीं, एडी हेल्थ वीके सिंहा ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही कमी को दूर किया जाएगा।
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दुष्कर्म पीड़िताओं को सबसे अधिक परेशानी
झांसी। चिकित्सकों की कमी होने के कारण सबसे अधिक परेशानी दुष्कर्म पीड़िताओं को हो रही है। चिकित्सकों कमी होेने के कारण पीड़िताओं को मेडिकल कराने के लिए अस्पताल में घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कुल संख्या चार है। जिसमें से एक वरिष्ठ चिकित्सक कई दिनों से छुट्टी पर हैं। वहीं एक चिकित्सक के बेटे की शादी होने के कारण वह भी छुट्टी पर है। जिसके चलते अस्पताल में कुल दो ही डॉक्टर बचे हैं। ऐसे में ओटी, लेबर रूम व नाइट ड्यूटी होने के कारण ओपीडी में चिकित्सक की ड्यूटी लगाना संभव नहीं हो रहा है। जिसके चलते शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज कराने के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओें को चिकित्सक से परामर्श लिए बिना ही लौटना पड़ रहा है। शनिवार को इलाज कराने आई रक्सा निवासी सपना ने बताया कि तीन दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी डॉक्टर नहीं मिला। भट्टा गांव निवासी विमला ने बताया कि कोई भी डॉक्टर नहीं होेने से उसे बालरोग विशेषज्ञ को दिखाना पड़ा है। वहीं, बड़ा बाजार निवासी शबनम ने बताया कि सुबह दस बजे से अस्पताल में चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई भी नहीं आया है।
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सीएमएस डॉ. शाहिदा परवीन ने बताया कि चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत किया जा चुका है। वहीं, एडी हेल्थ वीके सिंहा ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही कमी को दूर किया जाएगा।
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दुष्कर्म पीड़िताओं को सबसे अधिक परेशानी
झांसी। चिकित्सकों की कमी होने के कारण सबसे अधिक परेशानी दुष्कर्म पीड़िताओं को हो रही है। चिकित्सकों कमी होेने के कारण पीड़िताओं को मेडिकल कराने के लिए अस्पताल में घंटों इंतजार करना पड़ता है।