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Jhansi News: देश और दुनिया में काबिलियत का डंका बजा रहीं महिलाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आज के दौर में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दे रहीं हैं। भारत की नारी देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी काबिलियत का डंका बजा रहीं हैं। झांसी की धरती से महारानी लक्ष्मीबाई द्वारा छोड़ी गई गौरवशाली विरासत को आधी आबादी सहेजे हुए है। यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने कही।
बदलते दौर के साथ महिलाएं अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाना सीख गईं हैं। यही वजह है कि महिलाओं ने तमाम ऊंचे मुकाम हासिल कर लिए हैं। अपनी हर जिम्मेदारी को आधी आबादी बेहतर ढंग से निभा रही है। - डाॅ. रघुवीर सिंह चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सपा बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी
महिलाओं के बगैर किसी भी समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहीं हैं। दुनिया की तरक्की में आधी आबादी के योगदान को याद करते हुए महिला दिवस मनाया जाता है। - रोहित सिंह पारीछा, सपा नेता
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सनातन धर्म की परंपरा में महिलाओं को अनेक रूपों में पहचाना जाता है। महिलाएं ईश्वर की सबसे सुंदर रचना हैं। महिलाएं ही परिवार और समाज को संस्कार देकर सभी को प्रगति के पथ पर आगे ले जाती हैं। - आशीष उपाध्याय, डायरेक्टर-उप्र कोऑपरेटिव, लखनऊ
नारी केवल शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण श्रृष्टि का आधार है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ममता व त्याग का स्वरूप माना गया है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। - अमित साहू, जिला महामंत्री-भाजपा
हर रिश्ते की सूत्रधार महिला होती है। बस, उसके स्वरूप अलग-अलग होते हैं। आज के दौर में महिलाएं परिवार और समाज के साथ-साथ देश और दुनिया की तरक्की में भी अहम योगदान दे रहीं हैं। - सुशीला दुबे, पूर्व उप सभापति-नगर निगम
झांसी। आज के दौर में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दे रहीं हैं। भारत की नारी देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपनी काबिलियत का डंका बजा रहीं हैं। झांसी की धरती से महारानी लक्ष्मीबाई द्वारा छोड़ी गई गौरवशाली विरासत को आधी आबादी सहेजे हुए है। यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने कही।
बदलते दौर के साथ महिलाएं अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाना सीख गईं हैं। यही वजह है कि महिलाओं ने तमाम ऊंचे मुकाम हासिल कर लिए हैं। अपनी हर जिम्मेदारी को आधी आबादी बेहतर ढंग से निभा रही है। - डाॅ. रघुवीर सिंह चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सपा बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी
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महिलाओं के बगैर किसी भी समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रहीं हैं। दुनिया की तरक्की में आधी आबादी के योगदान को याद करते हुए महिला दिवस मनाया जाता है। - रोहित सिंह पारीछा, सपा नेता
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सनातन धर्म की परंपरा में महिलाओं को अनेक रूपों में पहचाना जाता है। महिलाएं ईश्वर की सबसे सुंदर रचना हैं। महिलाएं ही परिवार और समाज को संस्कार देकर सभी को प्रगति के पथ पर आगे ले जाती हैं। - आशीष उपाध्याय, डायरेक्टर-उप्र कोऑपरेटिव, लखनऊ
नारी केवल शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण श्रृष्टि का आधार है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ममता व त्याग का स्वरूप माना गया है। जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। - अमित साहू, जिला महामंत्री-भाजपा
हर रिश्ते की सूत्रधार महिला होती है। बस, उसके स्वरूप अलग-अलग होते हैं। आज के दौर में महिलाएं परिवार और समाज के साथ-साथ देश और दुनिया की तरक्की में भी अहम योगदान दे रहीं हैं। - सुशीला दुबे, पूर्व उप सभापति-नगर निगम