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झांसी: अस्पताल के कमरों में भटक रहीं हैं गर्भवती महिलाएं, नहीं हो रहा इलाज
Wed, 25 Sep 2019 02:09 AM IST
झांसी ब्यूरो
नयूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
नयूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 25 Sep 2019 02:09 AM IST
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अस्पताल में इलाज के लिए भटक रही गर्भवती महिला
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी जिला महिला अस्पताल में अपने गर्भ में शिशु को लेकर डॉक्टर की तलाश में इधर-उधर भटकती गर्भवति महिलाओं को देखकर आपकी भी आंखें भर आएंगी। लचर व्यवस्था की मार झेल रहीं महिलाएं इन दिनों अस्पताल प्रबंधन के आगे हाथ-पैर जोड़ कर थक गई हैं, लेकिन उनका इलाज नहीं हो पा रहा है।
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स्थिति इतनी बुरी है कि संपूर्णा क्लीनिक स्थित कमरा नंबर पांच में मौजूद चिकित्सक गर्भवती महिलाओं का इलाज करने के बजाय किसी दूसरी चिकित्सक को दिखाने की सलाह दे रहीं हैं। ऐसे में तमाम परेशानियों के बावजूद गर्भवती महिलाओं को मजबूरन निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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पीड़ित महिलाओं का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारी मामले पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसका खमियाजा गर्भवती महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। बता दें कि जिला अस्पताल के ओपीडी में शहर व आस-पास के इलाकों से रोजाना 300 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, जिनमें से अधिकतर गर्भवती महिलाएं होती हैं। मंगलवार को महिला अस्पताल में मरीजों को देखने के लिए अस्पताल की सीएमएस सहित चार चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन एक चिकित्सक अनुपस्थित होने के कारण अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की कतार लग गई।
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वहीं अस्पताल परिसर स्थित संपूर्णा क्लीनिक की चिकित्सक द्वारा गर्भवती महिलाओं को देखने से भी परहेज किया जा रहा है। जिससे दूर-दराज से इलाज कराने के लिए आई महिलाओं को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इस संबंध में मरीजों का इलाज नहीं करने के आरोपों से घिरीं डॉ. शैली साहू का पक्ष जानने के लिए जब उन्हें फोन किया तो उन्होंने संवाददाता से कहा कि अभी मैं व्यस्त हूं, कल अस्पताल में आकर बात करो।
सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण सीएमओ ने प्रतिदिन एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई है, ताकी इलाज कराने के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी न हो। मंगलवार को चिकित्सक के अनुपस्थित होने पर अस्पताल में काफी भीड़ थी, ऐसे में चिकित्सक किसी भी महिला का इलाज करने को मना नहीं कर सकती है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
एक मरीज ने अमर उजाला से अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि गर्भवती होने पर जिला अस्पताल में इलाज करने के लिए आई हूं, लेकिन कमरा नंबर पांच में मौजूद चिकित्सक ने देखे बिना ही कमरा नंबर चालीस में दिखाने की सलाह दी है। वहीं एक अन्य मरीज ने कहा कि डॉ. शैली साहू को दिखाने गई तो उन्होंने कहा की इस कमरे में मरीजों को नहीं देखा जाता है। साथ ही उन्हें किसी अन्य चिकित्सक से इलाज कराने को कहा गया।
सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण सीएमओ ने प्रतिदिन एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई है, ताकी इलाज कराने के लिए आने वाली महिलाओं को परेशानी न हो। मंगलवार को चिकित्सक के अनुपस्थित होने पर अस्पताल में काफी भीड़ थी, ऐसे में चिकित्सक किसी भी महिला का इलाज करने को मना नहीं कर सकती है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
एक मरीज ने अमर उजाला से अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि गर्भवती होने पर जिला अस्पताल में इलाज करने के लिए आई हूं, लेकिन कमरा नंबर पांच में मौजूद चिकित्सक ने देखे बिना ही कमरा नंबर चालीस में दिखाने की सलाह दी है। वहीं एक अन्य मरीज ने कहा कि डॉ. शैली साहू को दिखाने गई तो उन्होंने कहा की इस कमरे में मरीजों को नहीं देखा जाता है। साथ ही उन्हें किसी अन्य चिकित्सक से इलाज कराने को कहा गया।