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Jhansi News: तारीख से एक दिन पहले गवाह की दुर्घटना में हुई मौत
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जमीन को लेकर चल रहे विवाद में गवाह की तारीख से एक दिन पहले हादसे में मौत हो गई। परिवार के लोग उसकी हत्या कर देने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि उनकी ओर से अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
मऊरानीपुर के बुढि़या गांव निवासी जमुना (36) पुत्र नारायण अहिरवार मजदूर था। परिजनों का कहना है कि रोजाना की तरह बुधवार सुबह वह काम पर निकला लेकिन, देर-शाम तक लौटकर नहीं आया। इसके बाद उनके पता लगाने पर मालूम चला कि ट्रैक्टर पलटने से उसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों के मुताबिक इस हादसे की सूचना किसी ने नहीं दी। जमुना को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे देर-रात मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। पिता नारायण का कहना है कि जमीन को लेकर गांव के एक व्यक्ति से उन लोगों को विवाद चल रहा था। इस मामले में जमुना गवाह था। उसकी बृहस्पतिवार को गवाही होनी थी। विपक्षियों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मऊरानीपुर इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय के मुताबिक परिजनों की ओर से अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
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झांसी। जमीन को लेकर चल रहे विवाद में गवाह की तारीख से एक दिन पहले हादसे में मौत हो गई। परिवार के लोग उसकी हत्या कर देने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि उनकी ओर से अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
मऊरानीपुर के बुढि़या गांव निवासी जमुना (36) पुत्र नारायण अहिरवार मजदूर था। परिजनों का कहना है कि रोजाना की तरह बुधवार सुबह वह काम पर निकला लेकिन, देर-शाम तक लौटकर नहीं आया। इसके बाद उनके पता लगाने पर मालूम चला कि ट्रैक्टर पलटने से उसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों के मुताबिक इस हादसे की सूचना किसी ने नहीं दी। जमुना को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे देर-रात मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया। पिता नारायण का कहना है कि जमीन को लेकर गांव के एक व्यक्ति से उन लोगों को विवाद चल रहा था। इस मामले में जमुना गवाह था। उसकी बृहस्पतिवार को गवाही होनी थी। विपक्षियों पर हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मऊरानीपुर इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय के मुताबिक परिजनों की ओर से अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
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