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भ्रष्टाचार में फंस रहे कर्मचारियों को बिना जांच के गार्ड ट्रेनिंग पर भेजा

Tue, 17 Nov 2020 01:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 01:32 AM IST
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without investigaton on corruption, send to trainning.
भ्रष्टाचार में फंस रहे कर्मचारियों को बिना जांच के गार्ड की ट्रेनिंग पर भेजा!
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झांसी। मंडल रेल प्रशासन ने बिना जांच के ही गार्ड विभागीय परीक्षा के भ्रष्टाचार में फंस रहे दो कर्मियों को ट्रेनिंग पर सोमवार को चंदौसी भेज दिया। इस मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने भी डीआरएम को ट्विटर पर मामला संज्ञान में लेने के लिए कहा है।
मंडल प्रशासन ने गार्डों के 84 पद भरने के लिए 23 फरवरी 2020 को विभागीय परीक्षा का आयोजन किया था। परीक्षा में 110 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे। इस परीक्षा का परिणाम 30 जुलाई को घोषित किया था। मगर, विगत 10 अगस्त को इस परीक्षा को लेकर 20 से अधिक ऑडियो वायरल हुए, जिसमें वाणिज्य और इंजीनियरिंग विभाग के दो कर्मियों के बीच बातचीत की रिकार्डिंग है। इंजीनियरिंग विभाग का कर्मचारी (प्वाइंट्समैन) कह रहा है कि उसने उसके माध्यम से एक अधिकारी को तीन लाख रुपये परीक्षा में उत्तीर्ण कराने के दिए थे, लेकिन इसके बाद भी वह फेल हो गया। जबकि अन्य सभी कर्मी जिन्होंने रुपये दिए थे। वे परीक्षा में सफल हो गए। इस पर वाणिज्य कर्मी का कहना था कि आपको प्रश्न पत्र उत्तर सहित उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद भी आप उत्तीर्ण नहीं हो सके तो इसमें मेरी और अधिकारी की क्या गलती है।
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मैं और दूसरे कर्मी (जिनके ऑडियो में नाम लिए गए) कैसे सफल हो गए। दूसरे कर्मी ने कहा कि अगर उसके रुपये वापस नहीं हुए तो वह पुलिस की मदद लेगा। इस मामले में मध्यस्थता करने वाले एक वाणिज्य कर्मी की मौत हो चुकी है। इस ऑडियो में जिन कर्मचारियों के बीच बातचीत हो रही है उनको सभी जानते हैं। इसके बाद भी रेल प्रशासन ने उन कर्मचारियों से बात नहीं की। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले की लिखित शिकायत नहीं की है और परीक्षा को निरस्त कराने के लिए ऑडियो वायरल किया गया। जबकि उक्त ऑडियो वायरल होने के बाद कर्मचारियों के बीच चर्चा में रहा कि संबंधित अधिकारियों को बचाने के लिए मामले की जांच नहीं करवाई जा रही है।
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सवाल यह है कि अगर ऑडियो फर्जी हैं तो क्या इससे रेलवे की छवि धूमिल नहीं हुई है? ऐसे में भी जांच होनी चाहिए थी कि फर्जी ऑडियो क्यों वायरल किया गया? मगर रेल प्रशासन ने इस मामले को दबा दिया। इस मामले की शिकायत एक जागरूक कर्मचारी ने रेलवे बोर्ड व उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक से की है। महाप्रबंधक ने ट्विटर पर मंडल रेल प्रशासन को मामले को देख लेने के लिए कहा है। वहीं, सोमवार को उक्त ऑडियो में नाम सामने आने के बाद भी दो कर्मियों को गार्ड की ट्रेनिंग पर चंदौसी भेज दिया गया। रेल प्रशासन गार्ड विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण कर्मियों को हर महीने अलग- अलग बैच में 20 से 25 संख्या में भेज रहा है।
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