{"_id":"61a7cd3ed01be33d0e294665","slug":"will-have-to-wait-for-two-more-years-for-relief-from-jhansi-kanpur-double-track-jhansi-news-jhs2100023170","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी-कानपुर डबल ट्रैक से मिलने वाली राहत के लिए दो साल और करना होगा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक से मिलने वाली राहत के लिए दो साल और करना होगा इंतजार
विज्ञापन
झांसी। झांसी-कानपुर के बीच सफर करने वाले मुसाफिरों को डबल ट्रैक से मिलने वाली राहत के लिए दो साल और इंतजार करना होगा। पिछले पांच साल में 206 किलोमीटर में से 123 किलोमीटर रास्ता ही खुल सका है। दरअसल, नॉन इंटरलॉकिंग व पटरियां बिछाने के चल रहे धीमी गति के कारण काम की अवधि लगातार बढ़ती जा रही है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने अब इस काम को पूरा करने का लक्ष्य 2023 तक कर दिया है।
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक में 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। डबल ट्रैक को पूरा करने का लक्ष्य जून 2018 तय किया गया था। मगर, अभी तक 123 किलोमीटर ट्रैक का काम ही पूरा हो सका है।
इसमें झांसी-पारीछा के बीच 24 किलोमीटर, पारीछा से नंदखास के बीच 19 और पिरौना-एट, भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर, सरसोकी व पुखरायां के बीच 17.585 किलोमीटर व चौंराह पुखरायां और मलासा स्टेशनों के बीच 19 किलोमीटर डबल ट्रैक चालू हो चुका है। आरवीएनएल अब नंदखास से पिरौना रोड स्टेशनों के बीच दूसरी लाइन खोलने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
अभी यह होती है परेशानी
झांसी। अभी झांसी-कानपुर सिंगल रेलवे ट्रैक पर प्रतिदिन 40 से अधिक अप और डाउन की सवारी ट्रेनों का संचालन होता है। इतनी ही संख्या में मालगाड़ियां भी दौड़ती हैं। एक ट्रेन को निकालने में सामने आ रही दूसरी ट्रेन को नजदीक के रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों के समय पालन पर पड़ता है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। दूसरा ट्रैक बनने पर संबंधित सेक्शन में तेजी से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
विज्ञापन
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक में 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। डबल ट्रैक को पूरा करने का लक्ष्य जून 2018 तय किया गया था। मगर, अभी तक 123 किलोमीटर ट्रैक का काम ही पूरा हो सका है।
विज्ञापन
इसमें झांसी-पारीछा के बीच 24 किलोमीटर, पारीछा से नंदखास के बीच 19 और पिरौना-एट, भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर, सरसोकी व पुखरायां के बीच 17.585 किलोमीटर व चौंराह पुखरायां और मलासा स्टेशनों के बीच 19 किलोमीटर डबल ट्रैक चालू हो चुका है। आरवीएनएल अब नंदखास से पिरौना रोड स्टेशनों के बीच दूसरी लाइन खोलने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
अभी यह होती है परेशानी
झांसी। अभी झांसी-कानपुर सिंगल रेलवे ट्रैक पर प्रतिदिन 40 से अधिक अप और डाउन की सवारी ट्रेनों का संचालन होता है। इतनी ही संख्या में मालगाड़ियां भी दौड़ती हैं। एक ट्रेन को निकालने में सामने आ रही दूसरी ट्रेन को नजदीक के रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों के समय पालन पर पड़ता है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। दूसरा ट्रैक बनने पर संबंधित सेक्शन में तेजी से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।