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Jhansi News: आज से होगी गेहूं खरीद, तैयारियां पूरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। होली के बाद किसान अब अपनी पकी फसलों को काटने में जुट गए हैं तो दूसरी ओर प्रशासन ने भी मंडी में आने वाली किसानों की उपज को खरीदने के लिए तैयारी पूर्ण कर ली है। किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए पोर्टल पर पहले से रजिस्ट्रेशन शुरू करा दिए गए थे। मंडी में भी किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, उसकी भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
गेहूं की बुआई नवंबर और दिसंबर में की जाती है। इस फसल को तैयार होने में पांच से छह माह का समय लगता है। इस हिसाब से जिन किसानों ने नवंबर में बुआई की, उनकी फसल होली के बाद पककर तैयार होगी। यदि दिसंबर में बुआई की जो उनकी फसल अप्रैल में कटेगी। इधर, प्रशासन ने पहली बार एक मार्च से गेहूं खरीद की तैयारी की थी पर गेहूं की फसल तैयार न होने पर इस आदेश को टाल कर होली के बाद यानी 17 मार्च को खरीद का आदेश जारी किया गया।
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17 मार्च से चिह्नित क्रय केंद्रों पर सारी व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया गया। प्रशासन ने 68 केंद्रों को खरीद के लिए एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। इस आदेश के बाद सभी केंद्र पर किसानों के रुकने, पीने के लिए पानी और अन्य सुविधाएं भी दुरुस्त कर ली गई हैं। मार्च से खरीद होने के बाद किसानों ने पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया था।
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जनपद में विपणन शाख की 12, पीसीएफ के 37, पीसीयू के आठ, एनसीसीएफ की दो, भारतीय खाद्य निगम के सात, नैफेड के दो केंद्र हैं। इस संबंध में संभागीय खाद्य नियंत्रक चंद्रभान यादव ने बताया कि सभी केंद्रों पर तैयारी पूरी कर ली गई है। आज से केंद्रों पर खरीद शुरू हो जाएगी।
मध्य प्रदेश में उप्र से अधिक दाम पर खरीदा जाएगा गेहूं
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में गेहूं की एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन मध्य प्रदेश की सरकार 175 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को बोनस दे रही है। इस हिसाब से मध्य प्रदेश में 26 सौ रुपये प्रति क्विंटल किसान को दिए जाएंगे। बता दें कि हर साल वहां किसानों को मध्य प्रदेश में बोनस मिलने पर अधिकांश किसान निकटवर्ती मध्य प्रदेश के जिलों की ओर रुख कर जाते हैं। यही कारण था कि पिछले साल 99 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था पर सिर्फ एक चौथाई यानी कि 25 हजार मीट्रिक टन की ही खरीद हो सकी थी। इस साल भी लगभग इतना ही लक्ष्य है पर मध्य प्रदेश की नीति के आगे फिर से लक्ष्य पर संकट मंडराने लगा है।