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बुधवार है खास, चित्रा नक्षत्र, रवि व शुक्ल योग में होगी गौरीपुत्र की पूजा

Sun, 28 Aug 2022 12:10 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Aug 2022 12:10 AM IST
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Wednesday is special, Gauriputra will be worshiped in Chitra Nakshatra, Ravi and Shukla Yoga
झांसी। महानगर में इन दिनों गणेश उत्सव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व बुधवार को मनेगा, जो गौरीपुत्र का प्रिय दिवस है। इसके वह अधिपति देवता भी हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए इस बार गणेश चतुर्थी पर्व खास होगा। त्योहार पर चित्रा नक्षत्र और रवि एवं शुक्ल योग भी रहेगा।
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सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए गणेश उत्सव का विशेष महत्व है। महानगर के अधिकांश मुहल्लों व बाजारों में लगभग दो हजार स्थानों पर छोटे - बड़े आकर्षक पंडालों में भगवान गणेश जी को विराजमान किया जाएगा। इस बार कोरोना से बचाव को लेकर बंदिशें भी नहीं है। ऐसे में भक्तों में और भी अधिक उत्साह छाया हुआ है। महाराष्ट्र समाज के पुरोहित गजानन खानवलकर के अनुसार बुधवार के अधिपति देवता गणेश जी हैं। इस दिन चित्रा नक्षत्र भी होगा। यह अति शुभ है। इधर आचार्य शांतनु पांडेय के अनुसार चतुर्थी पर शुक्ल व रवि योग रहेगा। भद्रा पाताल में रहेगी। गणेश चतुर्थी की तिथि मंगलवार को रात्रि 11:25 से बुधवार को रात्रि 11:25 बजे तक रहेगी।
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शुभ व सौम्य योग में मनेगी हरतालिका तीज
झांसी। हरतालिका तीज का पर्व मंगलवार को सौम्य व शुभ योग में मनाया जाएगा। साथ ही हस्त नक्षत्र भी रहेगा। ज्योतिषविद रजनी दीक्षित के अनुसार परिवार में सुख समृद्धि व अखंड सौभाग्य की कामना के लिए महिलाएं त्योहार पर 24 घंटे का निर्जल व्रत रखती हैं और रात्रि जागरण कर मां गौरी व भगवान शिव की पूजा करती हैं। घरों में आकर्षक झांकियां भी सजाई जाती हैं और भजन कीर्तन किया जाता है।
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चतुर्थी पर नहीं देखा जाता है चंद्र
झांसी। भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर चंद्रमा को नहीं देखा जाता है। लोक मान्यता है कि इसे देखने पर झूठा कलंक लगता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को अपनी खूबसूरती पर बड़ा अभिमान था। चंद्रमा के घमंड से नाराज होकर गणेश जी ने श्राप दिया, कि उसका प्रकाश क्षीण हो जाएगा। इस पर चंद्रमा ने क्षमा मांगी। गणेश जी ने क्षमा कर कहा कि सूर्य के प्रकाश से तुम्हें धीरे - धीरे अपना स्वरूप पुन: प्राप्त होगा। लेकिन भादो शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर जो भी व्यक्ति तुम्हें देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यह दिन तुम्हें दंड देने के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
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