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पानी की आस अभी नहीं पास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:53 AM IST
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बुंदेलखंड में पानी की समस्या का तत्काल समाधान करने के लिए स्वीकृत किए गए 47 करोड़ रुपये से काम तब शुरू होगा, जब गर्मी लगभग अपने अंतिम पड़ाव पर होगी और बारिश दस्तक देने की तैयारी कर रही होगी। ऐसे में सरकार की मदद का लाभ बुंदेलियों को पूरा नहीं मिल पाएगा। अभी सिर्फ कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। इसे स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर निकाले जाएंगे और उसके बाद काम शुरू होगा। इन सब में एक माह से अधिक समय बीत जाएगा।
नई सरकार ने गर्मियों में बुंदेलखंड के सात जिलों (झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट) के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए 47 करोड़ मंजूर किए हैं, लेकिन यह राशि अभी मिली नहीं है। जल निगम के अधिकारियों ने पेयजल के लिए कार्ययोजना ही बनाकर भेजी है। इसमें नए हैंडपंप लगाने, रीबोर करने और बंद पड़ी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को शुरू करने का काम होगा।
शासन से इसे मंजूरी मिलने में एक हफ्ते से अधिक समय लग जाएगा। इसके बाद बजट आएगा और यहां जल निगम टेंडर प्रक्रिया पूरी कराएगा। तब कहीं जाकर काम शुरू हो सकेगा। अगर कई ठेकेदारों को काम सौंप भी दिया गया तो भी कम से कम 15 दिन इसे पूरा होने में लग जाएंगे। काम पूरा होते-होते 25 मई आ जाएगी और बुंदेलखंड में मानसून जून के पहले सप्ताह में आ जाता है। पानी की जरूरत अभी है। तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दूर लगे हैंडपंपों पर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। वर्तमान में झांसी में 1500, जालौन में 2059 और ललितपुर में 3082 हैंडपंप खराब हैं। जबकि, झांसी में 23327, ललितपुर में 18769 और जालौन में 26622 कुल हैंडपंप लगे हुए हैं।
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‘शासन को कार्य योजना भेज दी गई है। शासनादेश आते ही काम शुरू हो जाएगा। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू दी गई है, ताकि शासनादेश आते ही काम शुरू हो जाए।’
राजेश मित्तल, मुख्य अभियंता, जल निगम।
ये काम होंगे
कार्य योजना के तहत झांसी में 250, जालौन में 150, ललितपुर में 180, बांदा में 134, चित्रकूट में शून्य, महोबा में 250 और हमीरपुर में 210 नए हैंडपंप लगेंगे। इसी तरह झांसी में 400, जालौन में 1800, ललितपुर में 300, बांदा में 917, चित्रकूट में 458, महोबा में 440 और हमीरपुर में 500 हैंडपंप रीबोर होंगे। इसके अलावा झांसी में 2, जालौन में 29, ललितपुर में 27, बांदा में 16, चित्रकूट में 19 और महोबा में 31 बंद पड़ी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को चालू करने का काम होगा।
ये हैं दिक्कतें
जनपद की अधिकांश ग्रामीण पेयजल योजनाएं बंद चल रही हैं। कहीं आपरेटर नहीं है तो कहीं पर पंप खराब चल रहा है। कहीं पर बिजली की समस्या से जलापूर्ति ठप है। हैंडपंपों के रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है। जलस्तर गिरने से रीबोर हैंडपंपों की संख्या बढ़ रही है।
पिछले साल ही खरीद लिए थे टैंकर
अपर मुख्य सचिव पंचायत चंचल कुमार तिवारी का कहना है कि हमीरपुर में 15,महोबा में 86, बांदा में 175, चित्रकूट में 195, ललितपुर में 126, जालौन में 29 और झांसी में 43 टैंकरों की खरीद की जा चुकी हैं। दरअसल, यह टैंकर ग्राम पंचायतों के लिए पिछले साल ही खरीद लिए गए थे। बुंदेलखंड को 440 टैंकर मिले थे, जिसमें झांसी की ग्राम पंचायतों में 81 टैंकर दौड़ रहे हैं।
नहीं पहुंचे पानी के टैंकर, मची हाय तौबा
जल संस्थान की सोमवार से हैं पानी पहुंचाने की योजना
कल डाले जाएंगे संचालन के लिए टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर के सभी पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी के लिए हाय तौबा तो शुरू हो गई है, लेकिन जल संस्थान के टैंकर लोगों की प्यास बुझाने नहीं पहुंच रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से टैंकर पहुंचाएं जाएंगे, इसके लिए शनिवार को टेंडर डाले जाएंगे।
महानगर में अनेक क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पाइप लाइन नहीं है। उन इलाकों के लोगों को पानी के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। इनमें सभी ऐसे क्षेत्र हैं, जहां गर्मियों में जल स्तर नीचे चले जाने से हैंडपंप सूख जाते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जल संस्थान की टीम ने सर्वे कर 25 ऐसे इलाकों की सूची बनाई है, जहां पानी का जबरदस्त संकट है। इन दिनों लोग पानी को लेकर बेहद परेशान हो रहे हैं, इसके बाद भी जल संस्थान ने अभी तक पानी के टैंकरों का संचालन शुरू नहीं किया है।
हालांकि, करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, राजपूत कॉलोनी और बाहर बड़ागांव गेट क्षेत्र में पिछले दो दिनों से एक-दो टैंकर पानी भेजा जा रहा है, लेकिन वह दस परिवारों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। इससे परेशान लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
‘15 अप्रैल को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से सभी क्षेत्रों में पानी के टैंकर पहुंचना शुरू हो जाएंगे। जहां ज्यादा समस्या है, वहां टैंकर भेजना शुरू कर दिया गया है।’
रघुवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
महानगर के संकटग्रस्त इलाके
इनमें करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कालोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कालोनी, सत्यम कालोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कालोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर शामिल हैं।
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नई सरकार ने गर्मियों में बुंदेलखंड के सात जिलों (झांसी, ललितपुर, जालौन, महोबा, हमीरपुर, बांदा और चित्रकूट) के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या का समाधान करने के लिए 47 करोड़ मंजूर किए हैं, लेकिन यह राशि अभी मिली नहीं है। जल निगम के अधिकारियों ने पेयजल के लिए कार्ययोजना ही बनाकर भेजी है। इसमें नए हैंडपंप लगाने, रीबोर करने और बंद पड़ी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को शुरू करने का काम होगा।
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शासन से इसे मंजूरी मिलने में एक हफ्ते से अधिक समय लग जाएगा। इसके बाद बजट आएगा और यहां जल निगम टेंडर प्रक्रिया पूरी कराएगा। तब कहीं जाकर काम शुरू हो सकेगा। अगर कई ठेकेदारों को काम सौंप भी दिया गया तो भी कम से कम 15 दिन इसे पूरा होने में लग जाएंगे। काम पूरा होते-होते 25 मई आ जाएगी और बुंदेलखंड में मानसून जून के पहले सप्ताह में आ जाता है। पानी की जरूरत अभी है। तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दूर लगे हैंडपंपों पर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। वर्तमान में झांसी में 1500, जालौन में 2059 और ललितपुर में 3082 हैंडपंप खराब हैं। जबकि, झांसी में 23327, ललितपुर में 18769 और जालौन में 26622 कुल हैंडपंप लगे हुए हैं।
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‘शासन को कार्य योजना भेज दी गई है। शासनादेश आते ही काम शुरू हो जाएगा। साथ ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू दी गई है, ताकि शासनादेश आते ही काम शुरू हो जाए।’
राजेश मित्तल, मुख्य अभियंता, जल निगम।
ये काम होंगे
कार्य योजना के तहत झांसी में 250, जालौन में 150, ललितपुर में 180, बांदा में 134, चित्रकूट में शून्य, महोबा में 250 और हमीरपुर में 210 नए हैंडपंप लगेंगे। इसी तरह झांसी में 400, जालौन में 1800, ललितपुर में 300, बांदा में 917, चित्रकूट में 458, महोबा में 440 और हमीरपुर में 500 हैंडपंप रीबोर होंगे। इसके अलावा झांसी में 2, जालौन में 29, ललितपुर में 27, बांदा में 16, चित्रकूट में 19 और महोबा में 31 बंद पड़ी ग्रामीण पेयजल योजनाओं को चालू करने का काम होगा।
ये हैं दिक्कतें
जनपद की अधिकांश ग्रामीण पेयजल योजनाएं बंद चल रही हैं। कहीं आपरेटर नहीं है तो कहीं पर पंप खराब चल रहा है। कहीं पर बिजली की समस्या से जलापूर्ति ठप है। हैंडपंपों के रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं है। जलस्तर गिरने से रीबोर हैंडपंपों की संख्या बढ़ रही है।
पिछले साल ही खरीद लिए थे टैंकर
अपर मुख्य सचिव पंचायत चंचल कुमार तिवारी का कहना है कि हमीरपुर में 15,महोबा में 86, बांदा में 175, चित्रकूट में 195, ललितपुर में 126, जालौन में 29 और झांसी में 43 टैंकरों की खरीद की जा चुकी हैं। दरअसल, यह टैंकर ग्राम पंचायतों के लिए पिछले साल ही खरीद लिए गए थे। बुंदेलखंड को 440 टैंकर मिले थे, जिसमें झांसी की ग्राम पंचायतों में 81 टैंकर दौड़ रहे हैं।
नहीं पहुंचे पानी के टैंकर, मची हाय तौबा
जल संस्थान की सोमवार से हैं पानी पहुंचाने की योजना
कल डाले जाएंगे संचालन के लिए टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
महानगर के सभी पेयजल संकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी के लिए हाय तौबा तो शुरू हो गई है, लेकिन जल संस्थान के टैंकर लोगों की प्यास बुझाने नहीं पहुंच रहे हैं। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से टैंकर पहुंचाएं जाएंगे, इसके लिए शनिवार को टेंडर डाले जाएंगे।
महानगर में अनेक क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पाइप लाइन नहीं है। उन इलाकों के लोगों को पानी के लिए हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। इनमें सभी ऐसे क्षेत्र हैं, जहां गर्मियों में जल स्तर नीचे चले जाने से हैंडपंप सूख जाते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जल संस्थान की टीम ने सर्वे कर 25 ऐसे इलाकों की सूची बनाई है, जहां पानी का जबरदस्त संकट है। इन दिनों लोग पानी को लेकर बेहद परेशान हो रहे हैं, इसके बाद भी जल संस्थान ने अभी तक पानी के टैंकरों का संचालन शुरू नहीं किया है।
हालांकि, करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, राजपूत कॉलोनी और बाहर बड़ागांव गेट क्षेत्र में पिछले दो दिनों से एक-दो टैंकर पानी भेजा जा रहा है, लेकिन वह दस परिवारों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। इससे परेशान लोगों में आक्रोश पनपता जा रहा है।
‘15 अप्रैल को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार से सभी क्षेत्रों में पानी के टैंकर पहुंचना शुरू हो जाएंगे। जहां ज्यादा समस्या है, वहां टैंकर भेजना शुरू कर दिया गया है।’
रघुवेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।
महानगर के संकटग्रस्त इलाके
इनमें करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कालोनी, सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कालोनी, सत्यम कालोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कालोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर शामिल हैं।