झांसी : बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते खंड शिक्षाधिकारी को विजिलेंस टीम ने किया गिरफ्तार
मऊरानीपुर में है तैनात है शिक्षाधिकारी। जांच रिपोर्ट से नाम हटाने की एवज में मांग रहा था रिश्वत।
विस्तार
मऊरानीपुर खंड शिक्षा अधिकारी भुवनेंद्र कुमार को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सतर्कता अधिष्ठान, कानपुर की टीम ने बृहस्पतिवार को उसको कार्यालय के पास से गिरफ्तार किया है।
गुरसराय ब्लॉक के खेरी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी की शिकायत की थी। उसने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में किचन विस्तारीकरण की राशि अपने निजी प्रयोग में लेने संबंधी शिकायत की जांच मिली थी। इस जांच में उसका नाम शामिल था।
खंड शिक्षा अधिकारी जांच रिपोर्ट से उसका नाम हटाने की एवज में बीस हजार रुपये की मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद विजलेंस टीम ने धर-पकड़ के लिए जाल बिछाया और खंड शिक्षा अधिकारी को कार्यालय के पास से बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ
झांसी में विलिजेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी विजिलेंस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत सतर्कता अधिष्ठान में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। आरोपी को नवाबाद थाने ले जाया गया है।
घूस मांग रहे लेखपाल को एंटी करप्सन टीम ने पकड़ा
झांसी भ्रष्टाचार निरोधक यूनिट ने उरई में एक लेखपाल को वरासत दर्ज करने की एवज में पांच हजार रुपये की घूस मांगने के आरोप में रंगे हाथ पकड़ लिया। उरई कोतवाली में लिखा-पढ़ी के बाद आरोपी लेखपाल को जेल भेज दिया गया।
भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता निरीक्षक अंबरीश यादव के मुताबिक उरई के कुसमिलिया गांव निवासी राजेंद्र कुमार राजपूत के पिता श्रीपत का एक साल पहले निधन हो गया। इसके बाद उसने अपनी पुश्तैनी पांच एकड़ जमीन को वरासत में दर्ज कराने के लिए तहसील में ऑनलाइन आवदेन किया। तहसील उरई के कुसमिलिया इलाके में तैनात लेखपाल हरिशंकर निरंजन को इसमें रिपोर्ट लगानी थी। लेखपाल ने इसकी एवज में राजेंद्र से दस हजार रुपये की घूस मांगी।
राजेंद्र ने रकम को अधिक बताते हुए देने में असमर्थता जताई लेकिन, लेखपाल बिना पैसा लिए काम करने को तैयार नहीं हुआ। काफी मान-मनौव्वल के बाद लेखपाल पांच हजार रुपये में काम करने पर राजी हुआ। राजेंद्र ने 18 जनवरी को इसकी शिकायत एंटी करप्सन टीम से की। शिकायत मिलने पर टीम ने पड़ताल शुरू की। प्रथम दृष्टया शिकायत सही मिलने के बाद टीम कार्रवाई करने के लिए बृहस्पतिवार सुबह उरई पहुंच गई।
लेखपाल ने राजेंद्र को उरई में जिला निर्वाचन कार्यालय के पास बुलाया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे निरीक्षक अंबरीश यादव, निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, संजय कुमार समेत आठ सदस्यीय एंटी करप्शन टीम भी वहां पहुंच गई। टीम ने राजेंद्र को केमिकल लगे नोट पहले से दिए थे। जैसे ही राजेंद्र ने नोट लेखपाल को थमाए दस्ते ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर उसका हाथ पानी से धुलवाया गया। इसमें लेखपाल के हाथ से केमिकल का रंग छूटा। टीम लेखपाल को लेकर उरई कोतवाली पहुंची। यहां लिखा-पढ़ी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
झांसी में दो माह पहले पकड़ा गया था लेखपाल
एंटी करप्सन टीम ने झांसी में 29 नवंबर को टांकोरी इलाके में तैनात लेखपाल बद्रीप्रसाद दीक्षित को छह हजार रुपये की घूस की रकम के साथ उसके घर के पास से गिरफ्तार किया था। बद्रीप्रसाद भुक्तभोगी से दाखिल-खारिज करने की एवज में पैसों की मांग की थी। इसके अलावा वर्ष 2019 में थाना नवाबाद के जीवनशाह तिराहे के पास से एक लेखपाल पीयूष रिछारिया को भी गिरफ्तार कर चुकी है।