{"_id":"616dbe8bc166467da651cf41","slug":"unseasonal-rain-caused-havoc-in-the-fields-heavy-damage-to-crops-jhansi-news-jhs2068927114","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेमौसम बारिश ने मचाई खेतों में तबाही, फसलों को भारी नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमौसम बारिश ने मचाई खेतों में तबाही, फसलों को भारी नुकसान
विज्ञापन
झांसी। रविवार रात से सोमवार सुबह तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने जिले कई गांवों में खेतों में तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। खड़ी फसल के अलावा खलिहानों में काटकर रखी गई फसल भी चौपट हो गई है। जबकि, इससे पहले अगस्त माह में हुई मूसलाधार बारिश से किसानों को भारी नुकसान हो चुका है। वहीं, प्रशासन ने अब एक बार फिर क्षति के आकलन की तैयारी शुरू कर दी है।
अगस्त माह में लगातार हुई मूसलाधार बारिश की वजह से जिले के एक लाख 82 हजार किसानों की खरीफ की फसल बर्बाद हो गई थी। राजस्व विभाग ने 95 करोड़ 71 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया था। हालांकि, इसके बाद मौसम साफ होने पर किसानों की बची हुई फसल से उम्मीद लगी हुई थी। लेकिन, इस पर भी कुदरत ने बज्रपात किया है। रविवार को अचानक मौसम बदल गया। रात तकरीबन आठ बजे से तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गया। ये क्रम सोमवार की सुबह 11 बजे तक जारी रहा। इसके बाद दोपहर में भी बारिश हुई। इससे जिले के कई इलाकों में खेतों में खड़ी और काटकर खलिहानों में रखी गई उड़द, मूंग और धान की फसल बर्बाद हो गई।
सबसे ज्यादा नुकसान झांसी सदर तहसील के बरुआसागर, बड़ागांव इलाकों में दर्ज किया गया है। बड़ागांव इलाके के कई गांवों में धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जबकि, चिरगांव क्षेत्र में कई गांवों में मूंगफली और धान की फसल नष्ट हो गई। मोंठ के कई गांवों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। बझेरा स्टेट ,शाहजहांपुर, सिमरिया, भरोसा, खजूरी ,बेलमा, तालोड़, बमरौली स्टेट, पसैया सहित कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए, जिससे मूंगफली, धान एवं मटर की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, गरौठा व मऊरानीपुर क्षेत्र में मध्यम बारिश हुई, जिससे किसान राहत में रहे।
विज्ञापन
पहले भी किसान झेल चुके हैं भारी नुकसान
झांसी। जिले के किसान अगस्त माह में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से पहले भी नुकसान झेल चुके हैं। एक लाख 82 हजार किसानों की 95 करोड़ 71 लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गई थी। इसका मुआवजा आना अभी बाकी है।
तहसील किसान नुकसान
----------------------------------------
झांसी 30,800 16.66 करोड़
मोंठ 27,000 13.93 करोड़
मऊरानीपुर 46,000 21.18 करोड़
गरौठा 41,000 15 करोड़
टहरौली 36,000 28 करोड़
बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश (मिमी में)
------------------------------------------
झांसी 110
मोंठ 43.20
मऊरानीपुर 21
गरौठा 4.7
टहरौली 19.40
खरीफ में इतनी हुई बुवाई (हेक्टेअर में)
---------------------------------
फसल बुवाई क्षेत्रफल
तिल 98,500
उड़द 71,250
मूंगफली 25,500
मूंग 4,820
सोयाबीन 5,650
धान 4,650
मक्का 950
ज्वार 605
बाजरा 12
अरहर 410
बारिश समाप्त होने के बाद राजस्व विभाग के जरिये फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। जो किसान इस बारिश से प्रभावित हुए हैं, उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। इसके अलावा पूर्व में हुए नुकसान की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
बारिश से उन किसानों की फसलों को ही नुकसान पहुंचा है, जिन्होंने बुवाई देर से की थी, जिससे कटाई में भी देरी हो गई। जबकि, मूंगफली की फसल को फायदा हुआ है। उखाड़ने के लिए किसानों को पलेवा नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा इस बारिश का आगामी रबी सीजन में किसानों को फायदा मिलेगा।
- केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
अगस्त माह में लगातार हुई मूसलाधार बारिश की वजह से जिले के एक लाख 82 हजार किसानों की खरीफ की फसल बर्बाद हो गई थी। राजस्व विभाग ने 95 करोड़ 71 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया था। हालांकि, इसके बाद मौसम साफ होने पर किसानों की बची हुई फसल से उम्मीद लगी हुई थी। लेकिन, इस पर भी कुदरत ने बज्रपात किया है। रविवार को अचानक मौसम बदल गया। रात तकरीबन आठ बजे से तेज मूसलाधार बारिश शुरू हो गया। ये क्रम सोमवार की सुबह 11 बजे तक जारी रहा। इसके बाद दोपहर में भी बारिश हुई। इससे जिले के कई इलाकों में खेतों में खड़ी और काटकर खलिहानों में रखी गई उड़द, मूंग और धान की फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा नुकसान झांसी सदर तहसील के बरुआसागर, बड़ागांव इलाकों में दर्ज किया गया है। बड़ागांव इलाके के कई गांवों में धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। जबकि, चिरगांव क्षेत्र में कई गांवों में मूंगफली और धान की फसल नष्ट हो गई। मोंठ के कई गांवों में भी बारिश ने कहर बरपाया है। बझेरा स्टेट ,शाहजहांपुर, सिमरिया, भरोसा, खजूरी ,बेलमा, तालोड़, बमरौली स्टेट, पसैया सहित कई गांवों में खेत जलमग्न हो गए, जिससे मूंगफली, धान एवं मटर की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, गरौठा व मऊरानीपुर क्षेत्र में मध्यम बारिश हुई, जिससे किसान राहत में रहे।
विज्ञापन
पहले भी किसान झेल चुके हैं भारी नुकसान
झांसी। जिले के किसान अगस्त माह में हुई मूसलाधार बारिश की वजह से पहले भी नुकसान झेल चुके हैं। एक लाख 82 हजार किसानों की 95 करोड़ 71 लाख रुपये की फसल बर्बाद हो गई थी। इसका मुआवजा आना अभी बाकी है।
तहसील किसान नुकसान
----------------------------------------
झांसी 30,800 16.66 करोड़
मोंठ 27,000 13.93 करोड़
मऊरानीपुर 46,000 21.18 करोड़
गरौठा 41,000 15 करोड़
टहरौली 36,000 28 करोड़
बीते 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिश (मिमी में)
------------------------------------------
झांसी 110
मोंठ 43.20
मऊरानीपुर 21
गरौठा 4.7
टहरौली 19.40
खरीफ में इतनी हुई बुवाई (हेक्टेअर में)
---------------------------------
फसल बुवाई क्षेत्रफल
तिल 98,500
उड़द 71,250
मूंगफली 25,500
मूंग 4,820
सोयाबीन 5,650
धान 4,650
मक्का 950
ज्वार 605
बाजरा 12
अरहर 410
बारिश समाप्त होने के बाद राजस्व विभाग के जरिये फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। जो किसान इस बारिश से प्रभावित हुए हैं, उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। इसके अलावा पूर्व में हुए नुकसान की रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
बारिश से उन किसानों की फसलों को ही नुकसान पहुंचा है, जिन्होंने बुवाई देर से की थी, जिससे कटाई में भी देरी हो गई। जबकि, मूंगफली की फसल को फायदा हुआ है। उखाड़ने के लिए किसानों को पलेवा नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा इस बारिश का आगामी रबी सीजन में किसानों को फायदा मिलेगा।
- केके सिंह, जिला कृषि अधिकारी