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गलत आंकड़े देने पर यूनिसेफ प्रतिनिधि को चेतावनी
amarujala
Updated Sat, 01 Jul 2017 01:28 AM IST
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- फोटो : demo
झांसी। जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल भ्रमण (एचवीएनसी) कार्यक्रम के गलत आंकड़े प्रस्तुत करने पर यूनिसेफ प्रतिनिधि को चेतावनी दी। वहीं, एमसीटीएस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों के कम पंजीकरण पर भी नाखुश हुए। उन्होंने जल्द सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। रिप्रोडेक्टिव एवं चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) प्रोग्राम में आरसीएच प्रोग्राम में सिर्फ आठ प्रतिशत व्यय पर नाराजगी जताते हुए खर्च बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, ब्लॉक बबीना में 44 व बंगरा में 37 प्रसूताओं को जेएसवाई के अंतर्गत भुगतान न होने पर जल्द खाते में पैसे डलवाने के निर्देश दिए। मातृ-मृत्यु समीक्षा में 11 महिलाओं की मृत्यु का कारण स्पष्ट करने को कहा। डीएम ने कहा कि ब्लॉक बार में मातृ-मृत्यु के कारण की सूचना देने के साथ कम करने के लिए उपाए खोजे जाएं। एमसीटीएस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों के कम पंजीकरण पर नाराजगी जताई। पोर्टल पर मई तक 11049 के सापेक्ष 5145 महिलाओं के पंजीकरण हुआ। सबसे कम शहरी क्षेत्र में हुआ। इस पर सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्र के अरबन पीएचसी पर डेटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति न होने से शहरी क्षेत्र का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। डीएम ने अन्य कार्यक्रम में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर को शहरी क्षेत्र के पंजीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए। यूनिसेफ प्रतिनिधि ने एचवीएनसी कार्यक्रम के प्रजेंटेशन मेें गलत आंकड़े प्रस्तुत कर दिए, इस पर चेतावनी दी गई। सघन दस्त नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत ओआरएस जिंक के चिकित्सा इकाइयों पर उपलब्धता, हैंडवॉश, पोस्टर स्कूलों में चस्पा करने और माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने नोडल अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी को मोबाइल टीम गठित कर अनुश्रवण निरीक्षण को कहा।
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डीएम ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। रिप्रोडेक्टिव एवं चाइल्ड हेल्थ (आरसीएच) प्रोग्राम में आरसीएच प्रोग्राम में सिर्फ आठ प्रतिशत व्यय पर नाराजगी जताते हुए खर्च बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं, ब्लॉक बबीना में 44 व बंगरा में 37 प्रसूताओं को जेएसवाई के अंतर्गत भुगतान न होने पर जल्द खाते में पैसे डलवाने के निर्देश दिए। मातृ-मृत्यु समीक्षा में 11 महिलाओं की मृत्यु का कारण स्पष्ट करने को कहा। डीएम ने कहा कि ब्लॉक बार में मातृ-मृत्यु के कारण की सूचना देने के साथ कम करने के लिए उपाए खोजे जाएं। एमसीटीएस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं, बच्चों के कम पंजीकरण पर नाराजगी जताई। पोर्टल पर मई तक 11049 के सापेक्ष 5145 महिलाओं के पंजीकरण हुआ। सबसे कम शहरी क्षेत्र में हुआ। इस पर सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्र के अरबन पीएचसी पर डेटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति न होने से शहरी क्षेत्र का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। डीएम ने अन्य कार्यक्रम में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर को शहरी क्षेत्र के पंजीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए। यूनिसेफ प्रतिनिधि ने एचवीएनसी कार्यक्रम के प्रजेंटेशन मेें गलत आंकड़े प्रस्तुत कर दिए, इस पर चेतावनी दी गई। सघन दस्त नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत ओआरएस जिंक के चिकित्सा इकाइयों पर उपलब्धता, हैंडवॉश, पोस्टर स्कूलों में चस्पा करने और माइक्रो प्लान के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने नोडल अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी को मोबाइल टीम गठित कर अनुश्रवण निरीक्षण को कहा।
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