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पारीछा प्लांट में दो और ललितपुर प्लांट में पहुंचीं चार रैक
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झांसी। कोयले की कमी की वजह से झांसी के पारीछा और ललितपुर पावर प्लांट पर बिजली उत्पादन में गिरावट हो रही है। बृहस्पतिवार को पारीछा प्लांट को दो और ललितपुर के बजाज पावर प्लांट को कोयले की चार रैक मिलीं। मगर बंद पड़ी इकाइयों को शुरू करने की पर्याप्त कोयला नहीं है। ऐसे में स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा।
पिछले कुछ दिनों से थर्मल पावर संयंत्रों को पर्याप्त कोयला मिल नहीं पा रहा है, जिससे बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आई है। झांसी में पारीछा स्थित थर्मल पावर प्लांट की चार में से दो इकाइयां पिछले चार दिनों से बंद चल रही हैं। यहां 920 की जगह सिर्फ 460 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है। वहीं, ललितपुर के बजाज पावर प्लांट में भी मंगलवार को 660 मेगावाट की एक इकाई को कोयला न होने की वजह से बंद करना पड़ गया था। ललितपुर प्लांट में 1980 की जगह 1320 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है।
बृहस्पतिवार को पारीछा पावर प्लांट को कोयले की दो रैक मिल गईं। सभी इकाइयों को चलाने के लिए यहां रोजाना तीन-चार रैक (मालगाड़ी) कोयले की खपत होती है। ऐसे में पारीछा संयंत्र पर संकट लगातार बना हुआ है। वहीं ललितपुर पावर प्लांट में बृहस्पतिवार को चार रैक कोयला आ चुका है, जबकि दो रैक और आ रहा है। जबकि सामान्य दिनों में प्रतिदिन छह से सात रैक कोयला की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां भी स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा।
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पिछले कुछ दिनों से थर्मल पावर संयंत्रों को पर्याप्त कोयला मिल नहीं पा रहा है, जिससे बिजली उत्पादन में भारी गिरावट आई है। झांसी में पारीछा स्थित थर्मल पावर प्लांट की चार में से दो इकाइयां पिछले चार दिनों से बंद चल रही हैं। यहां 920 की जगह सिर्फ 460 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है। वहीं, ललितपुर के बजाज पावर प्लांट में भी मंगलवार को 660 मेगावाट की एक इकाई को कोयला न होने की वजह से बंद करना पड़ गया था। ललितपुर प्लांट में 1980 की जगह 1320 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है।
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बृहस्पतिवार को पारीछा पावर प्लांट को कोयले की दो रैक मिल गईं। सभी इकाइयों को चलाने के लिए यहां रोजाना तीन-चार रैक (मालगाड़ी) कोयले की खपत होती है। ऐसे में पारीछा संयंत्र पर संकट लगातार बना हुआ है। वहीं ललितपुर पावर प्लांट में बृहस्पतिवार को चार रैक कोयला आ चुका है, जबकि दो रैक और आ रहा है। जबकि सामान्य दिनों में प्रतिदिन छह से सात रैक कोयला की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां भी स्थिति सामान्य होने में समय लगेगा।
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