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Jhansi News: दो-दो मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर चलाया गया
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झांसी। रेल प्रशासन द्वारा दो-दो मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर चलाया गया। इस तरह से पांच दोहरी मालगाड़ियों को झांसी रेल मंडल से जबलपुर रेल मंडल भेजा गया। सभी गाड़ियों को दो-दो इंजन लगाकर चलाया गया। समय की बचत के लिए इस तरह से रेल प्रशासन द्वारा गाड़ियां चलाई गईं।
मालगाड़ियों में आमतौर पर 55-60 वैगन होते हैं, परंतु दोहरी मालगाड़ियों में 116-116 वैगन एक साथ जोड़कर चलाए गए। झांसी रेल मंडल के अंतिम छोर पर स्थित आगासोद स्टेशन ये यह गाड़ियां जबलपुर रेल मंडल भेजी गईं। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अखिल शुक्ला और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरेज व वैगन) राहुल शुक्ला की देखरेख में यह गाड़ियां चलाई गईं।
रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दोहरी मालगाड़ियां चलाने से समय की बचत होती है। साथ ही मालगाड़ी लंबी होने की वजह से बहुत अधिक जरूरत होने पर ही इन्हें रोका जाता है। इससे गाड़ियां तय समय में गंतव्य तक पहुंच जाती हैं। तीसरी लाइन का काम पूरा होने पर इसी तरह से ही ज्यादातर मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
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मालगाड़ियों में आमतौर पर 55-60 वैगन होते हैं, परंतु दोहरी मालगाड़ियों में 116-116 वैगन एक साथ जोड़कर चलाए गए। झांसी रेल मंडल के अंतिम छोर पर स्थित आगासोद स्टेशन ये यह गाड़ियां जबलपुर रेल मंडल भेजी गईं। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक अखिल शुक्ला और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कैरेज व वैगन) राहुल शुक्ला की देखरेख में यह गाड़ियां चलाई गईं।
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रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दोहरी मालगाड़ियां चलाने से समय की बचत होती है। साथ ही मालगाड़ी लंबी होने की वजह से बहुत अधिक जरूरत होने पर ही इन्हें रोका जाता है। इससे गाड़ियां तय समय में गंतव्य तक पहुंच जाती हैं। तीसरी लाइन का काम पूरा होने पर इसी तरह से ही ज्यादातर मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
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