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Jhansi News: ट्रिपल टेस्ट के पेच में फंसे ओबीसी के लिए आरक्षित सोलह वार्ड
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झांसी। ट्रिपल टेस्ट के पेच में फंसने से वार्ड आरक्षण में उलट फेर होना तय हो गया है। सरकार ने 27 प्रतिशत के आधार पर पिछड़े वर्ग के लिए नगर निगम की सोलह सीटें तय की थीं लेकिन अब इनमें बदलाव होने के आसार हैं। इससे ओबीसी समेत सामान्य वार्ड से चुनावी तैयारी में जुटे प्रत्याशी ऊहापोह में फंस गए हैं, वहीं जिन पार्षदों की सीटें पिछड़े वर्ग में आरक्षित हो गईं थीं, उनमें उत्साह लौट आया है।
वर्ष 1993 में केंद्र सरकार ने 74वें संविधान संशोधन के जरिए शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया था। इसके साथ ही आरक्षण के प्रावधान भी लागू हुए। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिलाओं को संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षण कोटा तय कर दिया गया लेकिन, ओबीसी आरक्षण को सरकार के विवेक पर छोड़ दिया गया। यूपी में सरकार ने ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण कोटा लागू कर दिया। वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक तरीके से ओबीसी कोटा तय करने की मांग हुई। कोर्ट ने तीन बिंदुओं (ट्रिपल टेस्ट) के आधार पर इसे तय करने को कहा लेकिन, अबकी ट्रिपल टेस्ट पर मामला फंस गया। झांसी में सोलह सीटें तय की गई थीं। इनमें से प्रत्येक वार्ड से दर्जनों उम्मीदवार तैयारी में जुटे थे लेकिन, उनकी उम्मीदों मेें पानी फिर गया। सीटों के घटने-बढ़ने से सामान्य सीटों पर भी असर होगा। वहीं, नगर निगम अफसराें का कहना है कि इसके लिए गाइड लाइन तय की जाएगी।
पिछड़े वर्ग को यह वार्ड हुए थे आरक्षित
हंसारी गिर्द प्रथम, तालपुरा प्रथम, भट्टागांव, नई बस्ती प्रथम, स्कूलपुरा, नंदनपुरा द्वितीय, पिछोर, बाहर ओरछा गेट द्वितीय, नई बस्ती द्वितीय, आजादगंज, नंदरपुरा तृतीय, छनियापुरा, तलैया, बाहर ओरछा गेट प्रथम, टोरिया नरसिंह राव एवं लक्ष्मणगंज
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वर्ष 1993 में केंद्र सरकार ने 74वें संविधान संशोधन के जरिए शहरी निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया था। इसके साथ ही आरक्षण के प्रावधान भी लागू हुए। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिलाओं को संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षण कोटा तय कर दिया गया लेकिन, ओबीसी आरक्षण को सरकार के विवेक पर छोड़ दिया गया। यूपी में सरकार ने ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण कोटा लागू कर दिया। वर्ष 2010 में सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक तरीके से ओबीसी कोटा तय करने की मांग हुई। कोर्ट ने तीन बिंदुओं (ट्रिपल टेस्ट) के आधार पर इसे तय करने को कहा लेकिन, अबकी ट्रिपल टेस्ट पर मामला फंस गया। झांसी में सोलह सीटें तय की गई थीं। इनमें से प्रत्येक वार्ड से दर्जनों उम्मीदवार तैयारी में जुटे थे लेकिन, उनकी उम्मीदों मेें पानी फिर गया। सीटों के घटने-बढ़ने से सामान्य सीटों पर भी असर होगा। वहीं, नगर निगम अफसराें का कहना है कि इसके लिए गाइड लाइन तय की जाएगी।
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पिछड़े वर्ग को यह वार्ड हुए थे आरक्षित
हंसारी गिर्द प्रथम, तालपुरा प्रथम, भट्टागांव, नई बस्ती प्रथम, स्कूलपुरा, नंदनपुरा द्वितीय, पिछोर, बाहर ओरछा गेट द्वितीय, नई बस्ती द्वितीय, आजादगंज, नंदरपुरा तृतीय, छनियापुरा, तलैया, बाहर ओरछा गेट प्रथम, टोरिया नरसिंह राव एवं लक्ष्मणगंज
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