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जिला अस्पताल में त्वचा रोग का इलाज ठप, भटकते रहे मरीज
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झांसी। जिला अस्पताल में दोनों डॉक्टरों का तबादला हो जाने के बाद त्वचा रोग विभाग में इलाज पूरी तरह से ठप हो गया है। सोमवार को एक भी चिकित्सक अस्पताल में नहीं था। ऐसे में मरीज पर्चा लिए इधर से उधर भटकते रहे। कई मरीजों का इलाज भी बाधित हो गया।
शासन ने जिला अस्पताल के सात चिकित्सकों का स्थानांतरण दूसरे जनपदों में कर दिया है। उनके सापेक्ष सिर्फ दो डॉक्टर मिले हैं। तबादला होने के बाद कोई त्वचा रोग विशेषज्ञ सोमवार को अस्पताल नहीं आया। वहीं, एक चिकित्सक पहले से ही छुट्टी पर हैं। ऐसे में विभाग पूरी तरह खाली हो जाने से मरीजों का इलाज करने वाला कोई विशेषज्ञ बचा नहीं है। जबकि, रोजाना 150 से 200 त्वचा रोगी इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आते हैं। सोमवार को कई मरीजों ने पर्चा भी बनवा लिया। सुबह आठ बजे से लंबी कतार भी विभाग के सामने लग गई। बाद में डॉक्टरों के स्थानांतरण की जानकारी हुई तो मरीज अपने-अपने घरों को लौट गए। कई मरीजों को पहले से इलाज चल रहा है, वो दवाएं लिखवाने के लिए आए थे। उनका इलाज भी बाधित हो गया। मरीज इधर-उधर पर्चा लेकर भटकते रहे। सीएमएस डॉ. आरके सचान का कहना है कि शासन को पत्र लिखकर त्वचा रोग विभाग खाली हो जाने की जानकारी दी जाएगी। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही त्वचा रोग विशेषज्ञ मिल जाएं।
ये बोले मरीज
...................
एक महीने से अस्पताल में इलाज चल रहा है। सोमवार को पता चला कि त्वचा रोग विशेषज्ञों का तबादला हो गया। अब यहां कैसे इलाज होगा। - पूनम।
खुजली की समस्या पर डॉक्टर को दिखाने के लिए आया था। ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। अब बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। - मान सिंह।
त्वचा संबंधी दिक्कत होने पर डॉक्टरों को दिखाने आई थी। ओपीडी में कुर्सी खाली पड़ी हुई है। अब तो प्राइवेट में इलाज कराने जाना पड़ेगा। - संतोषी।
सालभर से जिला अस्पताल में इलाज करा रही हूं। अब डॉक्टर न होने से इलाज बाधित हो जाएगा। इससे बहुत परेशानी होगी। - सुशीला महाजन।
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शासन ने जिला अस्पताल के सात चिकित्सकों का स्थानांतरण दूसरे जनपदों में कर दिया है। उनके सापेक्ष सिर्फ दो डॉक्टर मिले हैं। तबादला होने के बाद कोई त्वचा रोग विशेषज्ञ सोमवार को अस्पताल नहीं आया। वहीं, एक चिकित्सक पहले से ही छुट्टी पर हैं। ऐसे में विभाग पूरी तरह खाली हो जाने से मरीजों का इलाज करने वाला कोई विशेषज्ञ बचा नहीं है। जबकि, रोजाना 150 से 200 त्वचा रोगी इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आते हैं। सोमवार को कई मरीजों ने पर्चा भी बनवा लिया। सुबह आठ बजे से लंबी कतार भी विभाग के सामने लग गई। बाद में डॉक्टरों के स्थानांतरण की जानकारी हुई तो मरीज अपने-अपने घरों को लौट गए। कई मरीजों को पहले से इलाज चल रहा है, वो दवाएं लिखवाने के लिए आए थे। उनका इलाज भी बाधित हो गया। मरीज इधर-उधर पर्चा लेकर भटकते रहे। सीएमएस डॉ. आरके सचान का कहना है कि शासन को पत्र लिखकर त्वचा रोग विभाग खाली हो जाने की जानकारी दी जाएगी। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही त्वचा रोग विशेषज्ञ मिल जाएं।
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ये बोले मरीज
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एक महीने से अस्पताल में इलाज चल रहा है। सोमवार को पता चला कि त्वचा रोग विशेषज्ञों का तबादला हो गया। अब यहां कैसे इलाज होगा। - पूनम।
खुजली की समस्या पर डॉक्टर को दिखाने के लिए आया था। ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिला। अब बिना इलाज के लौटना पड़ रहा है। - मान सिंह।
त्वचा संबंधी दिक्कत होने पर डॉक्टरों को दिखाने आई थी। ओपीडी में कुर्सी खाली पड़ी हुई है। अब तो प्राइवेट में इलाज कराने जाना पड़ेगा। - संतोषी।
सालभर से जिला अस्पताल में इलाज करा रही हूं। अब डॉक्टर न होने से इलाज बाधित हो जाएगा। इससे बहुत परेशानी होगी। - सुशीला महाजन।