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फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर रोडवेज बसों में कर रहे यात्रा
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झांसी। दिव्यांगों को रोडवेज बसों में यात्रा में रियायत दी जाती है। इसका लाभ उठाते हुए तमाम लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के सहारे बसों में यात्रा करते पाए जा चुके हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए रोडवेज की ओर से प्रभावी कदम उठाना शुरू कर दिए गए हैं।
सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जो योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। पहले सीएमओ द्वारा जारी प्रमाणपत्र पर ही दिव्यांग यात्रा करते थे, लेकिन इनकी पहचान न हो पाने की वजह से कई लोग फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर फ्री यात्रा का लाभ ले लेते थे और रोडवेज को राजस्व का नुकसान होता था।
बीते दिनों 80 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए थे जो फर्जी कार्डों पर यात्रा कर रहे थे। अब विभाग ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्जी कार्डों को जब्त करने का अभियान चलाया जा रहा है।
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केस-1
एक शिक्षक टीचर झांसी से उरई तक सफर कर रही थी। चूंकि, रोज का आना-जाना होने की वजह से उसके कार्ड को परिचालक सही मान रहे थे। जब एक दिन चेकिंग टीम द्वारा जांच की गई तो उसक ा कार्ड फर्जी पाया गया।
केस-2
एक प्राइवेट कं पनी में कार्यरत युवक रोजाना रोडवेज की बसों में दिव्यांग प्रमाणपत्र पर यात्रा करता था। बीते दिनों चेकिंग में युवक का कार्ड फर्जी पाया गया। विभाग ने इनको जब्त कर दिया है।
वर्जन
- फर्जी कार्डों के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाता है। अगर कोई दिव्यांगता प्रमाणपत्र या कार्ड लेकर यात्रा करता है और फर्जी पाया जाएगा तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- लोकेश राजपूत, क्षेत्रीय सेवा प्रबंधक
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सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जो योजनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। पहले सीएमओ द्वारा जारी प्रमाणपत्र पर ही दिव्यांग यात्रा करते थे, लेकिन इनकी पहचान न हो पाने की वजह से कई लोग फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर फ्री यात्रा का लाभ ले लेते थे और रोडवेज को राजस्व का नुकसान होता था।
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बीते दिनों 80 से ज्यादा ऐसे मामले पकड़े गए थे जो फर्जी कार्डों पर यात्रा कर रहे थे। अब विभाग ने इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्जी कार्डों को जब्त करने का अभियान चलाया जा रहा है।
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केस-1
एक शिक्षक टीचर झांसी से उरई तक सफर कर रही थी। चूंकि, रोज का आना-जाना होने की वजह से उसके कार्ड को परिचालक सही मान रहे थे। जब एक दिन चेकिंग टीम द्वारा जांच की गई तो उसक ा कार्ड फर्जी पाया गया।
केस-2
एक प्राइवेट कं पनी में कार्यरत युवक रोजाना रोडवेज की बसों में दिव्यांग प्रमाणपत्र पर यात्रा करता था। बीते दिनों चेकिंग में युवक का कार्ड फर्जी पाया गया। विभाग ने इनको जब्त कर दिया है।
वर्जन
- फर्जी कार्डों के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाता है। अगर कोई दिव्यांगता प्रमाणपत्र या कार्ड लेकर यात्रा करता है और फर्जी पाया जाएगा तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- लोकेश राजपूत, क्षेत्रीय सेवा प्रबंधक