फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Tire sellers were earning two profits on one bill

Jhansi News: एक बिल पर दो लाभ कमा रहे थे टायर विक्रेता

Tue, 24 Sep 2024 02:02 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2024 02:02 AM IST
विज्ञापन
Tire sellers were earning two profits on one bill
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। जीएसटी रिटर्न में 3.50 करोड़ रुपये के टायरों की खरीद दिखाकर टैक्स चोरी करने वाले ठेकेदार की मुश्किलें और बढ़ने जा रही हैं। विभाग ने मामले में तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है। साथ ही टायरों की बिक्री करने वाली फर्म भी अब जीएसटी विभाग के रडार पर आ गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि विक्रेताओं ने एक बिल पर दो लोगों से लाभ कमाया है। जबकि, टायर एक ही व्यक्ति को बेचे गए हैं।

राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के दस्तावेज में दर्ज लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और जेडीए के ठेकेदार अनुज तिवारी ने जीएसटी रिटर्न दाखिल कर यह घोषित किया था कि उन्होंने एक साल में वाहनों के लिए 3.50 करोड़ रुपये के टायर खरीदें हैं। लेकिन, उनके दावे जीएसटी अधिकारियों के गले नहीं उतर रहे थे। ऐसे में विभाग ने दोनों टायर विक्रेताओं के दस्तावेज और स्टाॅक की जांच की तो टैक्स चोरी की परतें खुलती चली गईं।
विज्ञापन

इसमें यह भी सामने आया कि दोनों विक्रेताओं ने ठेकेदार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को टायर न के बराबर बेचे हैं। इसके बाद विभाग इस नतीजे पर पहुंचा कि टायर विक्रेता साहिल टायर्स और फुलेल टायर्स ने दूसरे लोगों को बेचे गए टायरों के असली बिल ठेकेदार को दे दिए हैं। मामले की गहराई में जाकर जांच की गई तो 65 लाख रुपये के टैक्स गबन का मामला खुल गया। अब विभाग अन्य ठेकेदारों के दस्तावेज का इस्तेमाल कर उक्त ठेकेदार के दावों का तकनीकी परीक्षण कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरे ठेकेदार के दस्तावेज से किया मिलान
जीएसटी विभाग ने दूसरे ठेकेदार के द्वारा दाखिल रिटर्न की समीक्षा में पाया कि उसके पास 28 ट्रक हैं और उसने तीन माह में 40 लाख रुपये की गिट्टी का ट्रांसपोर्ट किया है। इसके लिए उक्त ठेकेदार ने मात्र 8 लाख रुपये के ही टायर खरीदे।

अधिकारियाें ने आठ घंटे किया सर्वे
मामला संज्ञान में आने के बाद जीएसटी विभाग के अधिकारी टायर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर पहुंचे। यहां उन्होंने आठ घंटे के सर्वे में यहां टायरों के नंबर और बिलिंग का मिलान किया है। इसमें भी कई खामियां पाई गईं।


वर्जन
मामले में टायर विक्रेताओं ने भी एक बिल का इस्तेमाल दो बार लाभ कमाने के लिए किया है और साढ़े तीन करोड़ के टायरों का बिल ठेकेदार को दिया है। हम अब पूरे मामले में तकनीकी जांच भी करा रहे हैं।
एके सिंह, एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड 2 एसआइबी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed