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इस बार भी नहीं मिलेगी मानद उपाधि
ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2016 01:20 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का 27 फरवरी को 20वां दीक्षांत समारोह होगा। बीते कुछ सालों की तरह इस बार के दीक्षांत समारोह में भी किसी को मानद उपाधि नहीं दी जाएगी।
1975 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही दीक्षांत समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को मानद उपाधि दी जाती रही है। मानद उपाधि के लिए विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की संस्तुति पर कई नामों का प्रस्ताव राजभवन भेजा जाता है।
इनमें से कुछ नामों को राज्यपाल/कुलाधिपति द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है, जिन्हें दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि प्रदान की जाती है। सन 2009 में हुए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में अंतिम बार सरीला नरेश के नाम से मशहूर हमीरपुर के सरीला के राजा नरेंद्र सिंह सरीला को मानद उपाधि दी गई थी।
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इसके बाद से किसी को भी दीक्षांत समारोह के दौरान मानद उपाधि नहीं बांटी गई। अब 27 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में भी यह उपाधि नहीं वितरित की जाएगी।
अमिताभ बच्चन तक को मिली उपाधि
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मानद उपाधि से कई सुनहरी यादें भी जुड़ी हुई हैं। सन 2003 में हुए दीक्षांत समारोह में फिल्म इंड्रस्टी के महानायक अमिताभ बच्चन को मानद उपाधि दी गई थी। इसके अलावा 2006 में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रेमवृत समेत कई बड़े शिक्षाविदों को मानद उपाधि से सुशोभित किया जा चुका है।
उमा लेने से कर चुकीं इंकार
सन 2004 में हुए दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती को भी विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि दी जा रही थी लेकिन उमा ने उपाधि लेने से इंकार कर दिया था। बताया गया कि उस वक्त उमा ने कहा था कि वह पीएचडी करने के बाद ही उपाधि लेंगी, ऐसे नहीं।
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1975 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से ही दीक्षांत समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को मानद उपाधि दी जाती रही है। मानद उपाधि के लिए विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की संस्तुति पर कई नामों का प्रस्ताव राजभवन भेजा जाता है।
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इनमें से कुछ नामों को राज्यपाल/कुलाधिपति द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है, जिन्हें दीक्षांत समारोह में मानद उपाधि प्रदान की जाती है। सन 2009 में हुए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 13वें दीक्षांत समारोह में अंतिम बार सरीला नरेश के नाम से मशहूर हमीरपुर के सरीला के राजा नरेंद्र सिंह सरीला को मानद उपाधि दी गई थी।
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इसके बाद से किसी को भी दीक्षांत समारोह के दौरान मानद उपाधि नहीं बांटी गई। अब 27 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में भी यह उपाधि नहीं वितरित की जाएगी।
अमिताभ बच्चन तक को मिली उपाधि
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की मानद उपाधि से कई सुनहरी यादें भी जुड़ी हुई हैं। सन 2003 में हुए दीक्षांत समारोह में फिल्म इंड्रस्टी के महानायक अमिताभ बच्चन को मानद उपाधि दी गई थी। इसके अलावा 2006 में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रेमवृत समेत कई बड़े शिक्षाविदों को मानद उपाधि से सुशोभित किया जा चुका है।
उमा लेने से कर चुकीं इंकार
सन 2004 में हुए दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती को भी विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि दी जा रही थी लेकिन उमा ने उपाधि लेने से इंकार कर दिया था। बताया गया कि उस वक्त उमा ने कहा था कि वह पीएचडी करने के बाद ही उपाधि लेंगी, ऐसे नहीं।