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खनन से भी जुड़े हैं पेपर लीक कांड के आरोपियों के तार

Fri, 03 Dec 2021 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Dec 2021 01:27 AM IST
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The wires of the accused in the paper leak scandal are also related to mining
झांसी/मऊरानीपुर। मऊरानीपुर निवासी अनुराग, रवि एवं निक्की शर्मा का बैकग्राउंड भी पुलिस खंगालने में जुटी है। पुलिस पड़ताल में मालूम चला है कि निक्की की न सिर्फ शिक्षा विभाग में गहरी पैठ है बल्कि वह खनन के काम से भी गहरे से जुड़ा है। शिक्षा मित्र की तैनाती होने के बावजूद खनन के काम में उसकी दिलचस्पी है। खनन में इस्तेमाल होने वाले डंपर भी उसने लगाए हुए हैं। इससे उसको मोटी कमाई होती है। पुलिस को मालूम चला कि ऋषि उर्फ निक्की के परिवार में कई सदस्य शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे हैं। उसकी पत्नी समेत भाई, चचेरे भाई भी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक हैं। पुलिस का कहना है शिक्षा मित्र होने के बावजूद निक्की पैसा कमाने के लिए हर क्षेत्र में हाथ-पांव मार रहा था। उसने प्रापर्टी डीलिंग का भी काम शुरू कर दिया। एक बड़े प्लॉट की प्लाटिंग भी वह इन दिनों कर रहा था। शिक्षा विभाग से सीधा जुड़ा होने के नाते उसका टीईटी बेरोजगारों से सीधा संपर्क था। इसी तरह अनुराग भी पैसे कमाने के लिए ही निक्की से जुड़ा था। निक्की ने अनुराग को बहुत जल्द अमीर बना देने का सब्जबाग दिखाया। इसके बाद से अनुराग का ऋषि के साथ उठना बैठना ज्यादा हो गया। अनुराग अपने साथ अपने नौकर रवि को भी हमेशा अपने साथ रखता था। एसटीएफ इन तीनों के पास से पेपर कहां से पहुंचा इसकी तलाश में जुटी है।
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तीन मोबाइल नंबरों की लोकेशन तलाश रही एसटीएफ
झांसी। टीईटी पेपर लीक कांड में पड़ताल में जुटी एसटीएफ की खास निगाह तीन मोबाइल नंबरों पर है। इनमें एक नंबर ऋषि उर्फ निक्की का है। बाकी के दो नंबरों से उसकी तीन दिन के भीतर 43 बार बात हुई है। पुलिस के मुताबिक निक्की की दो नंबरों से 26 नवंबर से 28 नवंबर के बीच सबसे ज्यादा बात हुई। यह दोनों ही नंबर पश्चिमी यूपी सर्किल के हैं। एसटीएफ के हत्थे चढ़े कौशलेंद्र के मोबाइल में भी यही दो नंबर मिले हैं। एसटीएफ को शक है पेपर लीक मामले में यह दो नंबरों की भूमिका है। अब एसटीएफ निक्की, कौशलेंद्र के साथ ही इन दो नंबरों की लोकेशन तलाश रही है। पुलिस यह गुत्थी सुलझाने में जुटी है कि कौशलेंद्र या निक्की को पेपर कहां से हासिल हुआ।
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