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कल्याणकारी ग्रंथ है रामचरितमानस : जगतगुरु
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संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित 158वें प्रांतीय मेला जलविहार महोत्सव के 13 दिवसीय आयोजन का शनिवार को समापन हुआ।
अंतिम दिवस श्रीरामचरित मानस व संत सम्मेलन की शुरूआत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, पंचअग्नि अखाड़ा के महंत सोमेश्वरानंद, पालिकाध्यक्ष शशि श्रीवास, अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार चौधरी व अरविंद अड़जरिया ने किया।
इस अवसर पर रामजीवन पस्तोर ने कहा कि रामचरित मानस मानव को जीने की कला सिखाती है। राम नाम से करोड़ों लोगों का उद्धार हुआ है। राम के पद चिह्नों पर चलकर मानव का कल्याण हो सकता है। बुंदेलखंड पीठाधीश्वर बाबा रामदास ब्रह्मचारी ने कहा कि समय मनुष्य का योग्य शिक्षक होता है। वह क्षमा नहीं करता। सिद्ध सदन रिछारिया ने बताया कि वर्तमान समय में रामचरित मानस युग दृष्टा की भूमिका में है। मनुष्य की व्यथा को दूर करना है तो उसे धर्म से जोड़ दो। सिद्धेश्वर आश्रम भटा के महाराज रामबालक दास ने बताया कि राम चरितमानस मानव को मानव ही नहीं, बल्कि भगवान बना देती है। बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक जीव शांति पाना चाहता है और शांति केवल परमात्मा की शरण में है।
चित्रकूट धाम के कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामस्वरूप आचार्य ने रामचरितमानस को कल्याणकारी ग्रंथ बताया।
इस मौके पर आशू भारद्वाज, आशीष कौशिक, कैलाश पस्तोर, राजेंद्र रावत, राजेंद्र राहुल, शिवनारायण परिहार, शुभाष चौबे, दिनेश राजपूत, रोहित सोनी, संजय दीक्षित, दीपू मोदी, नवीन जैन, अभिलाष तिवारी, बॉबी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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मऊरानीपुर। नगर पालिका परिषद की ओर से आयोजित 158वें प्रांतीय मेला जलविहार महोत्सव के 13 दिवसीय आयोजन का शनिवार को समापन हुआ।
अंतिम दिवस श्रीरामचरित मानस व संत सम्मेलन की शुरूआत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, पंचअग्नि अखाड़ा के महंत सोमेश्वरानंद, पालिकाध्यक्ष शशि श्रीवास, अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार चौधरी व अरविंद अड़जरिया ने किया।
इस अवसर पर रामजीवन पस्तोर ने कहा कि रामचरित मानस मानव को जीने की कला सिखाती है। राम नाम से करोड़ों लोगों का उद्धार हुआ है। राम के पद चिह्नों पर चलकर मानव का कल्याण हो सकता है। बुंदेलखंड पीठाधीश्वर बाबा रामदास ब्रह्मचारी ने कहा कि समय मनुष्य का योग्य शिक्षक होता है। वह क्षमा नहीं करता। सिद्ध सदन रिछारिया ने बताया कि वर्तमान समय में रामचरित मानस युग दृष्टा की भूमिका में है। मनुष्य की व्यथा को दूर करना है तो उसे धर्म से जोड़ दो। सिद्धेश्वर आश्रम भटा के महाराज रामबालक दास ने बताया कि राम चरितमानस मानव को मानव ही नहीं, बल्कि भगवान बना देती है। बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्येक जीव शांति पाना चाहता है और शांति केवल परमात्मा की शरण में है।
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चित्रकूट धाम के कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामस्वरूप आचार्य ने रामचरितमानस को कल्याणकारी ग्रंथ बताया।
इस मौके पर आशू भारद्वाज, आशीष कौशिक, कैलाश पस्तोर, राजेंद्र रावत, राजेंद्र राहुल, शिवनारायण परिहार, शुभाष चौबे, दिनेश राजपूत, रोहित सोनी, संजय दीक्षित, दीपू मोदी, नवीन जैन, अभिलाष तिवारी, बॉबी अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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