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लघु सीमांत किसानों के ही बनेंगे कूप
ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2015 02:39 AM IST
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झांसी। मनरेगा के तहत बनने वाले कुओं में इस बार सिर्फ लघु सीमांत किसानों को ही लाभ मिलेगा। नये वित्तीय वर्ष में बनने वाले इन कुओं के लिए प्रस्तावों की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू हो जाएगी। जिले के आठ में से छह ब्लॉकों में ही कुएं बनाने का कार्य होगा।
सूखे की मार से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार पहले छोटे किसानों के खेतों पर ही कुएं बनवाती थी, लेकिन इस बार शासन ने योजना में तब्दीली कर दी है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में मनरेगा के तहत बनने वाले कुओं का लाभ सिर्फ लघु सीमांत किसानों को ही मिलेगा। शासन ने इसके लिए ग्राम सभाओं को योजना बनाने का जिम्मा सौंपा है।
मार्च माह तक ग्राम सभाओं की खुली बैठकों में प्रस्ताव लेकर उसे ब्लॉक कार्यालय भेजा जाएगा। ब्लॉक के तकनीकी सहायकों की संस्तुति पर कूप के प्रस्ताव पास होंगे। हालांकि, ग्राम पंचायतों के गठन के बाद कार्य योजना में बदलाव की संभावना जरूर नजर आ रही है, लेकिन शासन की नियमावली के आधार पर कुओं का लाभ सिर्फ लघु सीमांत किसानों को ही मिलेगा।
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जिले के आठ ब्लॉकों में से छह में ही कुएं बनाए जाएंगे। मऊरानीपुर और बबीना ब्लॉक के डार्क जोन में होने के कारण यहां कूप बनाने पर शासन की ओर से ही रोक लगी हुई है।
अधूरे पड़े हैं पुराने कूप
बुंदेलखंड पैकेज से बने कई कुएं अभी भी अधूरे पड़े हैं। कई पर तो सचिवों ने पूरा पैसा खर्च दिखा दिया है, जबकि लाभार्थी खाली हाथ बैठा है। वहीं, कुछ मामलों में लाभार्थियों ने पैसे तो पूरे ले लिए हैं, लेकिन कुएं अभी भी अधूरे पड़े हैं।
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सूखे की मार से जूझ रहे बुंदेलखंड के किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार पहले छोटे किसानों के खेतों पर ही कुएं बनवाती थी, लेकिन इस बार शासन ने योजना में तब्दीली कर दी है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में मनरेगा के तहत बनने वाले कुओं का लाभ सिर्फ लघु सीमांत किसानों को ही मिलेगा। शासन ने इसके लिए ग्राम सभाओं को योजना बनाने का जिम्मा सौंपा है।
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मार्च माह तक ग्राम सभाओं की खुली बैठकों में प्रस्ताव लेकर उसे ब्लॉक कार्यालय भेजा जाएगा। ब्लॉक के तकनीकी सहायकों की संस्तुति पर कूप के प्रस्ताव पास होंगे। हालांकि, ग्राम पंचायतों के गठन के बाद कार्य योजना में बदलाव की संभावना जरूर नजर आ रही है, लेकिन शासन की नियमावली के आधार पर कुओं का लाभ सिर्फ लघु सीमांत किसानों को ही मिलेगा।
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जिले के आठ ब्लॉकों में से छह में ही कुएं बनाए जाएंगे। मऊरानीपुर और बबीना ब्लॉक के डार्क जोन में होने के कारण यहां कूप बनाने पर शासन की ओर से ही रोक लगी हुई है।
अधूरे पड़े हैं पुराने कूप
बुंदेलखंड पैकेज से बने कई कुएं अभी भी अधूरे पड़े हैं। कई पर तो सचिवों ने पूरा पैसा खर्च दिखा दिया है, जबकि लाभार्थी खाली हाथ बैठा है। वहीं, कुछ मामलों में लाभार्थियों ने पैसे तो पूरे ले लिए हैं, लेकिन कुएं अभी भी अधूरे पड़े हैं।