{"_id":"635c16fa3d3e964f4823d042","slug":"the-visor-of-asra-house-collapsed-major-accident-averted-jhansi-news-jhs231738438","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसरा आवास का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसरा आवास का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महानगर के लहर गिर्द में गरीबों के लिए आसरा आवास का निर्माण कराया गया था। आवास आवंटित होते ही आवासों का प्लास्टर झड़ने लगा था। बालकनी भी काफी कमजोर थी जो बल्लियों से सहारे टिकी हुई थी। शुक्रवार को आवास नंबर आठ का छज्जा अचानक गिर गया। गनीमत रही कि आवास के नीचे रह रहा परिवार ग्वालियर गया हुआ था, वरना हादसे में कई लोगों की जान चली जाती। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कई आवासों के छज्जों पर अधिक सामान रखने पर वह झुक गए हैं।
गरीबों को खुद का आशियाना मुहैया कराने के लिए लहर गिर्द इलाके में वर्ष 2015-16 में 120 आसरा आवासों का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) को सौंपी गई थी। सीएनडीएस ने निर्माण कार्य पूरा कर वर्ष 2019-2020 में नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को आवास सौंप दिए थे। इसके बाद डूडा द्वारा जरूरतमंदों को आवासों का आवंटन शुरू कर दिया गया था। आवंटन होते ही लोगों ने यहां रहना भी शुरू किया तो अधिकतर आवासों के छज्जे नीचे की ओर झुकना शुरू हो गए। वहीं दीवारों का प्लास्टर भी झड़ने लगा था। हादसे के डर से ऊपरी मंजिल पर रहे कई लोगों ने आवास खाली कर दिया था। इसके बाद आवासों के निर्माण कार्य की जांच कराने के लिए कई बार शिकायत की गईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने बताया कि जिस आवास का छज्जा गिरा वह खाली था। लेकिन उसके नीचे वाले आवास में लोग रह रहे हैं। वह लोग इलाज कराने ग्वालियर गए हुए थे। उधर, केयर टेकर ने मलबा हटवाकर लोगों को आश्वासन दिया कि कुछ दिन में काम शुरू करवा देंगे। परियोजना अधिकारी राजीव शुक्ला ने बताया कि मौके पर कर्मचारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया गया है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जल्द ही आवासों को ठीक करा दिया जाएगा। वहीं सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि आवास का छज्जा गिरने की जानकारी होते ही मौके पर टीम को भेजा गया था। आवास के छज्जे पर भारी सामान रखा होने की जानकारी मिली है। जल्द ही निर्माण कराने के आदेश दिए गए हैं।
एरच में छज्जा गिरने की जांच तो अभी तक चल रही...
झांसी। 11 अक्तूबर 2021 को एरच में बने 84 आसरा आवासों में से एक का छज्जा गिर गया था, इस हादसे में पांच लोग घायल हुए थे। इसकी जांच भी अभी तक चल रही है। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं की जा सकी है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि अधिकारियों की जांच कब तक चलेगी, किसी को कुछ पता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गरीबों को खुद का आशियाना मुहैया कराने के लिए लहर गिर्द इलाके में वर्ष 2015-16 में 120 आसरा आवासों का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) को सौंपी गई थी। सीएनडीएस ने निर्माण कार्य पूरा कर वर्ष 2019-2020 में नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को आवास सौंप दिए थे। इसके बाद डूडा द्वारा जरूरतमंदों को आवासों का आवंटन शुरू कर दिया गया था। आवंटन होते ही लोगों ने यहां रहना भी शुरू किया तो अधिकतर आवासों के छज्जे नीचे की ओर झुकना शुरू हो गए। वहीं दीवारों का प्लास्टर भी झड़ने लगा था। हादसे के डर से ऊपरी मंजिल पर रहे कई लोगों ने आवास खाली कर दिया था। इसके बाद आवासों के निर्माण कार्य की जांच कराने के लिए कई बार शिकायत की गईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने बताया कि जिस आवास का छज्जा गिरा वह खाली था। लेकिन उसके नीचे वाले आवास में लोग रह रहे हैं। वह लोग इलाज कराने ग्वालियर गए हुए थे। उधर, केयर टेकर ने मलबा हटवाकर लोगों को आश्वासन दिया कि कुछ दिन में काम शुरू करवा देंगे। परियोजना अधिकारी राजीव शुक्ला ने बताया कि मौके पर कर्मचारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया गया है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जल्द ही आवासों को ठीक करा दिया जाएगा। वहीं सीएनडीएस के परियोजना प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि आवास का छज्जा गिरने की जानकारी होते ही मौके पर टीम को भेजा गया था। आवास के छज्जे पर भारी सामान रखा होने की जानकारी मिली है। जल्द ही निर्माण कराने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
एरच में छज्जा गिरने की जांच तो अभी तक चल रही...
झांसी। 11 अक्तूबर 2021 को एरच में बने 84 आसरा आवासों में से एक का छज्जा गिर गया था, इस हादसे में पांच लोग घायल हुए थे। इसकी जांच भी अभी तक चल रही है। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं की जा सकी है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि अधिकारियों की जांच कब तक चलेगी, किसी को कुछ पता नहीं है।
विज्ञापन