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Jhansi News: नर्सिंगहोम के पंजीकरण की समय सीमा पांच साल हो, प्रस्ताव पास
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओरछा में हुई प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में पांच साल तक के लिए सीएमओ से अस्पताल का पंजीकरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी मिले, इसका प्रस्ताव पास हुआ। डॉक्टरों ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई प्रदेश में यही नियम है। ऐसे में अब ये प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि आए दिन नर्सिंगहोमों में चिकित्सकों, कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त नियम बनने चाहिए। आयोजन सचिव डॉ. आरआर सिंह ने बताया कि पुराने नर्सिंगहोमों के संचालन में नियमों में ढील देने पर भी बात हुई। कहा गया कि नर्सिंगहोम में सिट बैक के लिए जगह और पार्किंग आदि न होने पर सख्ती न की जाए। इसके अलावा पीडियाट्रिक सर्जरी, पेट के रोगों, हार्ट सर्जरी समेत कई बीमारियों के मरीजों की आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए शासन द्वारा दरें बढ़ाने की भी मांग उठी। कहा कि टीबी रोगियों का फॉलोअप निजी एजेंसी द्वारा किया जाता है। समय-समय पर एजेंसी बदल जाती है। ऐसे में इसके लिए नियमित संस्था का चयन होना चाहिए। आओ गांव चले कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होना चाहिए। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन 35 के तहत सरकार ने जिन 35 शहरों का चयन किया है, उसमें झांसी भी शामिल है। डॉ. शरद अग्रवाल ने कहा कि आईएमए के सदस्यता अभियान को गति देनी चाहिए। बैठक में डॉ. एमएम पालीवाल, डॉ. वीबी जिंदल, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. डीएस गुप्ता, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. अरुणा मिसुरिया, डॉ. मृदुला कत्याल मौजूद रहे।
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झांसी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओरछा में हुई प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में पांच साल तक के लिए सीएमओ से अस्पताल का पंजीकरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी मिले, इसका प्रस्ताव पास हुआ। डॉक्टरों ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई प्रदेश में यही नियम है। ऐसे में अब ये प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में डॉक्टरों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि आए दिन नर्सिंगहोमों में चिकित्सकों, कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त नियम बनने चाहिए। आयोजन सचिव डॉ. आरआर सिंह ने बताया कि पुराने नर्सिंगहोमों के संचालन में नियमों में ढील देने पर भी बात हुई। कहा गया कि नर्सिंगहोम में सिट बैक के लिए जगह और पार्किंग आदि न होने पर सख्ती न की जाए। इसके अलावा पीडियाट्रिक सर्जरी, पेट के रोगों, हार्ट सर्जरी समेत कई बीमारियों के मरीजों की आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए शासन द्वारा दरें बढ़ाने की भी मांग उठी। कहा कि टीबी रोगियों का फॉलोअप निजी एजेंसी द्वारा किया जाता है। समय-समय पर एजेंसी बदल जाती है। ऐसे में इसके लिए नियमित संस्था का चयन होना चाहिए। आओ गांव चले कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होना चाहिए। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन 35 के तहत सरकार ने जिन 35 शहरों का चयन किया है, उसमें झांसी भी शामिल है। डॉ. शरद अग्रवाल ने कहा कि आईएमए के सदस्यता अभियान को गति देनी चाहिए। बैठक में डॉ. एमएम पालीवाल, डॉ. वीबी जिंदल, डॉ. आशीष अग्रवाल, डॉ. डीएस गुप्ता, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. बीके गुप्ता, प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. अरुणा मिसुरिया, डॉ. मृदुला कत्याल मौजूद रहे।
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