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Jhansi News: ओरछा में नजर आने लगा है रामराजा का लोक
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- परियोजना पर मप्र सरकार खर्च कर रही है 1.26 अरब रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
लुहारी। ओरछा में श्री रामराजा लोक परियोजना अब आकार लेने लगी है। पर्यटन विकास की इस परियोजना पर मध्य प्रदेश सरकार 1.26 अरब रुपये खर्च कर रही है। इसके तहत कई ऐतिहासिक स्थलों के अनुरक्षण का काम किया जा चुका है। जबकि, विकास के अन्य काम भी तेजी से जारी है। फरवरी 2027 तक परियोजना को पूरा करने की तैयारी है।
परियोजना के प्रथम चरण में 81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इनमें से 42 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रथम चरण में ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। सावन-भादों परिसर के पास यज्ञशाला का निर्माण पूरा हुआ है। पालकी प्रांगण का विकास भी किया गया है। जुझार सिंह महल, हरदौल महल, टकसाल भवन और मछली दरवाजा सहित कई ऐतिहासिक धरोहरों का अनुरक्षण हो चुका है। श्री रामराजा मंदिर और धर्मशाला के अनुरक्षण कार्य अभी जारी हैं। विभिन्न चौराहों का विकास किया गया है। 103 दुकानों के आसपास बैठने के लिए प्रांगण भी तैयार हुए हैं। मंदिर परिसर में एक म्यूजिकल फव्वारे का निर्माण भी कराया गया है। इससे श्रद्धालुओं को शाम के समय किले की रोशनी और मंदिर के भव्य स्वरूप का आनंद मिलेगा।
जबकि, द्वितीय चरण के लिए 45 करोड़ रुपये आवंटित हैं। इसमें मंदिर के पीछे की सड़क और पैदल मार्ग विकसित किया जाना है। मंदिर परिसर में पार्क और मेला मैदान में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए शेड बनाए जाएंगे। बुंदेली शैली पर आधारित एक उद्यान भी विकसित होगा। श्रद्धालुओं की जरूरतों को देखते हुए 60 दुकानों वाला खरीदारी परिसर भी बन रहा है।
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इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित करना है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर यह काम पर्यटन विकास एवं संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।
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परियोजना का लक्ष्य ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है। ऐतिहासिक भवनों के संरक्षण, आवागमन की सुविधा और जनसुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसरों में भी भारी इजाफा होगा।
- अनूप गुप्ता, कार्यपालन यंत्री
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुहारी। ओरछा में श्री रामराजा लोक परियोजना अब आकार लेने लगी है। पर्यटन विकास की इस परियोजना पर मध्य प्रदेश सरकार 1.26 अरब रुपये खर्च कर रही है। इसके तहत कई ऐतिहासिक स्थलों के अनुरक्षण का काम किया जा चुका है। जबकि, विकास के अन्य काम भी तेजी से जारी है। फरवरी 2027 तक परियोजना को पूरा करने की तैयारी है।
परियोजना के प्रथम चरण में 81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इनमें से 42 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। प्रथम चरण में ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। सावन-भादों परिसर के पास यज्ञशाला का निर्माण पूरा हुआ है। पालकी प्रांगण का विकास भी किया गया है। जुझार सिंह महल, हरदौल महल, टकसाल भवन और मछली दरवाजा सहित कई ऐतिहासिक धरोहरों का अनुरक्षण हो चुका है। श्री रामराजा मंदिर और धर्मशाला के अनुरक्षण कार्य अभी जारी हैं। विभिन्न चौराहों का विकास किया गया है। 103 दुकानों के आसपास बैठने के लिए प्रांगण भी तैयार हुए हैं। मंदिर परिसर में एक म्यूजिकल फव्वारे का निर्माण भी कराया गया है। इससे श्रद्धालुओं को शाम के समय किले की रोशनी और मंदिर के भव्य स्वरूप का आनंद मिलेगा।
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जबकि, द्वितीय चरण के लिए 45 करोड़ रुपये आवंटित हैं। इसमें मंदिर के पीछे की सड़क और पैदल मार्ग विकसित किया जाना है। मंदिर परिसर में पार्क और मेला मैदान में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए शेड बनाए जाएंगे। बुंदेली शैली पर आधारित एक उद्यान भी विकसित होगा। श्रद्धालुओं की जरूरतों को देखते हुए 60 दुकानों वाला खरीदारी परिसर भी बन रहा है।
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इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से विकसित करना है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर यह काम पर्यटन विकास एवं संस्कृति विभाग द्वारा किया जा रहा है।
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परियोजना का लक्ष्य ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है। ऐतिहासिक भवनों के संरक्षण, आवागमन की सुविधा और जनसुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसरों में भी भारी इजाफा होगा।
- अनूप गुप्ता, कार्यपालन यंत्री